-
2036 तक ओडिशा में शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव का लक्ष्य: धर्मेंद्र प्रधान
भुवनेश्वर। ओडिशा में शिक्षा क्षेत्र के समग्र विकास और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और ओडिशा के स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी भी उपस्थित रहे और राज्य की शैक्षणिक प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान ओडिशा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन, तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-स्कूल शिक्षा (एनसीएफ-एसई) के अनुरूप नए पाठ्यपुस्तकों के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही राज्य में संचालित विभिन्न केंद्रीय शिक्षा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
सुधार के लिए ठोस रणनीति तैयार करने पर फोकस
दोनों मंत्रियों ने विद्यालयों में छात्रों के ड्रॉपआउट दर को कम करने, सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और सुलभ शिक्षा सुनिश्चित करने तथा शैक्षणिक परिणामों में सुधार के लिए ठोस रणनीति तैयार करने पर भी विचार-विमर्श किया।
सरकार ओडिशा की शिक्षा व्यवस्था होगी आधुनिक
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वर्ष 2036 तक ओडिशा को एक भविष्य तैयार करने और “समृद्ध ओडिशा” के रूप में विकसित करने के लिए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के सहयोग से डबल इंजन सरकार ओडिशा की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी
प्रधान ने आश्वासन दिया कि ओडिशा की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर ओडिशा के छात्रों को अधिक कुशल, सक्षम और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में समन्वित प्रयास करेंगे।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
