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14,500 से अधिक रोजगार की उम्मीद
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मुख्यमंत्री मोहन माझी की अध्यक्षता में 43वीं एचएलसीए बैठक आयोजित
भुवनेश्वर। ओडिशा ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए राज्य की उच्चस्तरीय मंजूरी प्राधिकरण (एचएलसीए) की 43वीं बैठक में 55,783 करोड़ रुपये की लागत वाली सात प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं से लगभग 14,500 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये निवेश मंजूरियां राज्य के संतुलित क्षेत्रीय विकास और दीर्घकालिक आर्थिक सशक्तिकरण के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती हैं। उन्होंने कहा कि इन निवेश परियोजनाओं के माध्यम से हम ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि राज्य आत्मनिर्भर बने और 2036 तक ‘समृद्ध ओडिशा’ के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
भौगोलिक रूप से संतुलित औद्योगिक विकास सुनिश्चित होगा
स्वीकृत परियोजनाएं स्टील, रेयर अर्थ मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो-कॉम्पोनेंट्स, सेमीकंडक्टर, औद्योगिक गैस, फेरोएलॉय, तथा ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़ी हैं। ये परियोजनाएं ढेंकानाल, गंजाम, केंदुझर और खुर्दा जैसे जिलों में स्थापित की जाएंगी, जिससे राज्य में भौगोलिक रूप से संतुलित औद्योगिक विकास सुनिश्चित होगा।
स्टील क्षेत्र स्वीकृत निवेशों का प्रमुख आधार रहा
स्टील क्षेत्र इस बैठक में स्वीकृत निवेशों का प्रमुख आधार रहा। जेएसडब्ल्यू समूह की कंपनी सैफ्रॉन रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड ने ढेंकानाल जिले में 6 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाला स्टील संयंत्र स्थापित करने के लिए ₹35,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इस मेगा परियोजना से लगभग 8,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है, जिससे ओडिशा की पहचान देश के अग्रणी स्टील उत्पादन राज्यों में और मजबूत होगी।
उन्नत और मूल्यवर्धित विनिर्माण को बढ़ावा देते हुए, जिंदल पॉली फिल्म्स लिमिटेड ने गंजाम जिले में 12,000 करोड़ के निवेश से 0.5 एमटीपीए क्षमता की टाइटेनियम डाइऑक्साइड पिगमेंट निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। रेयर अर्थ मैन्युफैक्चरिंग श्रेणी की यह परियोजना लगभग 4,000 रोजगार के अवसर सृजित करेगी और उच्चस्तरीय सामग्री निर्माण में ओडिशा की उपस्थिति को सशक्त बनाएगी।
ऑटोमोबाइल और ऑटो-कॉम्पोनेंट्स क्षेत्र में भी निवेश को बढ़ावा
ऑटोमोबाइल और ऑटो-कॉम्पोनेंट्स क्षेत्र में भी निवेश को बढ़ावा मिला है। एक प्रतिष्ठित कंपनी द्वारा गंजाम जिले में 1,697 करोड़ के निवेश से टायर, कार्बन ब्लैक और जिंक ऑक्साइड निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी, जिससे लगभग 685 रोजगार सृजित होंगे।
1,649.98 करोड़ के निवेश से ओसैट यूनिट स्थापित होगी
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ओडिशा की उभरती क्षमता को मजबूती देते हुए, सैंकोड सेमी प्राइवेट लिमिटेड ने खुर्दा जिले में 1,649.98 करोड़ के निवेश से आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग (ओसैट) यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इससे 570 रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
ढेंकानाल और केंदुझर में लगेंगे कई प्लांट
इसके अतिरिक्त, इनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने ढेंकानाल में 1,300 करोड़ के निवेश से एयर सेपरेशन यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है, जबकि फेरो एलॉय कॉरपोरेशन लिमिटेड केंदुझर जिले में 2,000 करोड़ के निवेश से फेरो मैंगनीज, सिलिको मैंगनीज उत्पादन, मैंगनीज अयस्क बेनिफिशिएशन और 100 मेगावाट कैप्टिव पावर प्लांट स्थापित करेगी। वहीं, जीएमआर कमालंगा एनर्जी लिमिटेड ने ढेंकानाल में 2,136.02 करोड़ की लागत से 350 मेगावाट का ताप विद्युत संयंत्र लगाने का प्रस्ताव रखा है।
सतत विकास पर विशेष ध्यान दे रही सरकार
इन सभी परियोजनाओं से स्पष्ट है कि ओडिशा सरकार प्रौद्योगिकी आधारित विकास, औद्योगिक विविधीकरण और सतत विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। “विकसित भारत 2047” के राष्ट्रीय लक्ष्य और “समृद्ध ओडिशा 2036” के राज्य दृष्टिकोण के अनुरूप, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा तेजी से पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों के लिए एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
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