-
बकाया वेतन को लेकर प्रदर्शन
-
गंजाम जिले के बड़ी संख्या में इंजीनियर व मजदूर शामिल
-
भारत लौटने में असमर्थ
भुवनेश्वर। उज्बेकिस्तान में काम करने गए ओडिशा के सैकड़ों श्रमिक गंभीर संकट में फंस गए हैं। जानकारी के अनुसार, वहां फंसे भारतीय नागरिकों में 600 से अधिक ओड़िया शामिल हैं, जो पिछले कई दिनों से बकाया वेतन और सुविधाएं न मिलने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। इन श्रमिकों में बड़ी संख्या गंजाम जिले के सनखेमुंडी और दिगपहांडी क्षेत्र से है, जो इंजीनियर और मजदूर के रूप में कार्यरत थे।
सूत्रों के मुताबिक, उज्बेकिस्तान स्थित एक इंजीनियरिंग कंपनी एंटर इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय के बाहर ओडिशा और अन्य राज्यों से गए भारतीय कर्मचारी पिछले पांच दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोप है कि कंपनी ने नौकरी के समय वेतन और अन्य लाभों का जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया।
कुल 1500 से अधिक भारतीय फंसे
बताया जा रहा है कि कुल मिलाकर 1500 से अधिक भारतीय नागरिक उज्बेकिस्तान में फंसे हुए हैं, जिनमें 600 से अधिक ओड़िया श्रमिक शामिल हैं। वेतन भुगतान न होने और कंपनी द्वारा अचानक देश लौटने को कहे जाने के बाद श्रमिकों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
कई महीनों से नहीं मिला वेतन
फंसे हुए एक इंजीनियर चंदन कुमार राउल ने वीडियो संदेश के जरिए अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि हम पिछले लगभग दो वर्षों से एंटर इंजीनियरिंग कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन पिछले चार महीनों से हमें वेतन नहीं दिया गया है। कंपनी ने अब हमें अपने देश लौटने को कह दिया है, जबकि हमारे पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। उन्होंने आगे कहा कि श्रमिकों को उनके कैंप में बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित कर दिया गया है, जिससे सभी बेहद कठिन परिस्थितियों में दिन गुजारने को मजबूर हैं।
कंपनी की ओर से अब तक कोई बयान नहीं
इस पूरे मामले पर एंटर इंजीनियरिंग कंपनी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था, जिससे श्रमिकों की चिंता और बढ़ गई है।
सरकार से लगाई मदद की गुहार
फंसे हुए श्रमिकों ने भारत सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। चंदन कुमार राउल ने कहा कि हम भारत सरकार से निवेदन करते हैं कि वह आवश्यक कदम उठाए और हमें सुरक्षित तरीके से स्वदेश लौटने में मदद करे।
स्थिति पर नजर रखे हुए हैं अधिकारी
सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारी और प्रवासी भारतीय संगठनों के प्रतिनिधि इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और श्रमिकों की समस्याओं के समाधान तथा उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उज्बेकिस्तान में फंसे ओड़िया श्रमिकों की यह स्थिति विदेशों में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
