भुवनेश्वर। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अवसर हमारे राष्ट्रीय आत्मगौरव और सांस्कृतिक चेतना को पुनर्जीवित करने वाला है।
प्रधान ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा कि वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ हमारे राष्ट्रीय आत्मगौरव और सांस्कृतिक चेतना का ऐसा क्षण है, जो हर भारतीय के हृदय में माँ भारती के प्रति अटूट प्रेम को पुनः जागृत करता है।
उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की यह अमर रचना स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एकता और शक्ति का स्रोत बनी थी और आज भी यह राष्ट्रधर्म और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा देती है।
प्रधान ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “विकसित भारत” के संकल्प की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, और ऐसे में ‘वंदे मातरम्’ की भावना हमारी सामूहिक चेतना को और मजबूत करती है।
उन्होंने इस अवसर पर नागरिकों से आह्वान किया कि राष्ट्रहित, राष्ट्रनीति और राष्ट्रसेवा को सर्वोपरि रखते हुए नए भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। साथ ही, उन्होंने वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के राष्ट्रव्यापी सामूहिक गायन का आह्वान किया ताकि यह गीत आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना रहे।
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