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7 से 26 नवंबर तक होंगे विशेष कार्यक्रम : विष्णु दास
भुवनेश्वर। राष्ट्रगीत वंदे मातरम अपनी रचना के 150 वर्ष पूरे करने जा रहा है। राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में भव्य समारोह आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी। भारतीय जनता पार्टी भी इस अवसर पर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित करेगी। 7 से 26 नवंबर तक विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। राज्य भाजपा उपाध्यक्ष विष्णु दास ने बुधवार को पार्टी राज्य कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्तों के लिए प्रेरणा और उत्साह का प्रतीक बना था। स्वतंत्रता सेनानी इस गीत को गाकर जेल जाते थे, ब्रिटिश शासन की गोलियों का सामना करते थे और हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल जाते थे।
कहा कि वंदे मातरम ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति के तहत इस गीत का विरोध किया और 1923 में अपने कार्यक्रमों में इसे न गाने का निर्णय लिया।
दास ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद 1950 में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने वंदे मातरम को राष्ट्रगीत का दर्जा प्रदान किया। उन्होंने बताया कि आज भी जब भी देशहित में कोई आंदोलन या संघर्ष होता है, वंदे मातरम का नारा सबसे पहले गूंजता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर 2025 को निर्णय लिया है कि विष्णु दास ने जानकारी दी कि 7 नवंबर को देशभर के 150 स्थानों पर उद्घाटन समारोह आयोजित होंगे, जिनमें ओडिशा के भुवनेश्वर, ब्रह्मपुर, बालेश्वर, केन्दुझर और राउरकेला प्रमुख हैं। इसके बाद 8 से 26 नवंबर तक राज्य की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक-एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने राज्य के सभी नागरिकों, बुद्धिजीवियों, माताओं-बहनों, विद्यार्थियों, धार्मिक संगठनों और युवा समूहों से अपील की कि वे वंदे मातरम गीत गाकर देशभक्ति और स्वदेशी भावना को सशक्त करें तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर राज्य मीडिया संयोजक सुजीत कुमार दास भी उपस्थित थे।
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