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मां के चेहरे मातृत्व से खिले, परिवार में छायी खुशियां
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सबसे अधिक प्रभावित जिलों में सुरक्षित हुए प्रसव
भुवनेश्वर। चक्रवात मॉनथा के कहर के बीच ओडिशा के तटीय और पहाड़ी जिलों में जहां तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश ने भय का माहौल बना दिया, वहीं स्वास्थ्यकर्मियों की सतर्कता और मानवीय संवेदना ने कई जिंदगियों को सुरक्षित जन्म दिया। राज्यभर में अब तक 8,804 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उनकी स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें से 1,061 महिलाओं ने चक्रवात के बीच सुरक्षित प्रसव किया। 1,061 बच्चों की किलकारियों ने आपदा में भी खुशी का माहौल बना दिया तथा मां के चेहरे मातृत्व सुख से खिल उठे।
इनमें चक्रवात से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले जिलों की सूची में शामिल बालेश्वर, गजपति, गंजाम, जगतसिंहपुर, कलाहांडी, कंधमाल, केन्द्रापड़ा, कोरापुट, मालकानगिरि, नवरंगपुर और रायगड़ा जिलों की महिलाएं शामिल हैं।
गजपति में बच्चे का नाम ‘मॉनथा’ रखा
सबसे भावनात्मक दृश्य गजपति जिले में देखने को मिला, जहां काशीनगर स्थित मातृगृह में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया और परिवार ने उसका नाम चक्रवात से प्रेरित होकर ‘मॉनथा’ रखा। स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि सोमवार शाम दो गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाया गया था। इनमें से एक को प्रसव पीड़ा हुई और मंगलवार दोपहर 12:20 बजे बच्चे का जन्म हुआ। मैंने सुझाव दिया कि बच्चे का नाम मॉनथा रखा जाए। गजपति प्रशासन ने चक्रवात के खतरे को देखते हुए 171 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों और मातृगृहों में स्थानांतरित किया था।
स्वास्थ्य सेवाएं हैं अलर्ट मोड पर
चक्रवात ‘मॉनथा’ के स्थलीय प्रभाव के बाद राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन सभी क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र, आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला मुख्य अस्पताल और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को पूरी तरह तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रीय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, ओआरएस घोल, सर्पदंश इंजेक्शन, ब्लीचिंग पाउडर पैकेट, जीवन रक्षक एवं आपातकालीन दवाएं, ऑक्सीजन सिलिंडर और रक्त भंडार में पर्याप्त मात्रा में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की है। इसके साथ ही सभी जिला मुख्यालय अस्पतालों में 24 घंटे के कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए भी विशेष प्रचार-प्रसार अभियान शुरू किया है।
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