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ओडिशा में दिखने लगा चक्रवात का असर, समुद्र में उफान

  •     तटीय जिलों में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

  •     मालकानगिरि और आसपास के क्षेत्रों में कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदलेगा

भुवनेश्वर। समुद्र से ऊर्जा प्राप्त कर रहा यह तूफान तटीय इलाकों में मौसम पर असर डालने लगा है। दक्षिण ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की शुरुआत हो चुकी है, जबकि तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

आईएमडी महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि पूर्वानुमान के अनुसार यह प्रणाली अब गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुकी है, जिसकी गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों में यह 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। यह मंगलवार रात आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास तट से टकराएगा। बुधवार सुबह तक यह मालकानगिरि और आसपास के क्षेत्रों में कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदलेगा और बाद में छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते हुए दबाव में परिवर्तित होगा।” उन्होंने कहा कि ओडिशा के गजपति, गंजाम, कोरापुट, नवरंगपुर, मालकानगिरि, रायगड़ा, कलाहांडी और नुआपाड़ा जिलों में भारी वर्षा की संभावना है। 29 अक्टूबर के बाद वर्षा में कमी आएगी, लेकिन उत्तर ओडिशा में गतिविधि बढ़ेगी।

तटीय हवाएं और भी प्रचंड हुईं

इस बीच समुद्र में ऊंची लहरें उठने लगी हैं और तटीय हवाएं और भी प्रचंड हो गई हैं। आईएमडी और आपदा प्रबंधन विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। दक्षिण ओडिशा के तटीय और समीपवर्ती जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से घरों के भीतर रहने, अनावश्यक बाहर न निकलने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने को कहा है।

आपदा प्रबंधन दल सतर्क मोड पर

आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क मोड पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में राहत टीमों की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन ने चेताया है कि चक्रवात ‘मॉनथा’ जीवन और संपत्ति के लिए खतरा पैदा कर सकता है, इसलिए निचले इलाकों के लोग विशेष सतर्कता बरतें। तटीय जिलों में जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना के मद्देनज़र व्यापक तैयारी की गई है।

भारी बारिश में ढहा कालीपूजा का गेट, यातायात ठप

चक्रवात ‘मॉनथा’ के प्रभाव से हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच मंगलवार दोपहर जाजपुर जिले के व्यासनगर कॉलेज स्क्वायर में काली पूजा के लिए लगाया गया एक सजावटी लाइट गेट ढह गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे के कारण जाजपुर रोड–कलिंगनगर मार्ग का एक हिस्सा पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और यातायात घंटों बाधित रहा।

हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजे तेज बारिश और हवाओं के बढ़ते दबाव के कारण लाइट गेट गिर पड़ा। गेट गिरते ही पूजा समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे और स्थानीय प्रशासन को तुरंत सूचित किया। सौभाग्य से इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। समिति सदस्यों ने बताया कि हम पूजा मंडप के पास ही थे, तभी अचानक गेट गिर गया। हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी। यातायात कुछ समय के लिए बाधित हुआ, लेकिन पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी राहत कार्य में लगे हैं।

हादसे के बाद टेंट हाउस के कर्मी और दमकल विभाग की टीमों ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया, ताकि सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोला जा सके। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी ने बताया कि गेट भारी बारिश और चक्रवात के कारण गिरा है। हमारी प्राथमिकता सड़क को साफ कर यातायात को सामान्य करना है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

जाजपुर सहित कई जिलों में लगातार बारिश जारी

प्रशासन ने बताया कि चक्रवात ‘मॉनथा’ के असर से जाजपुर सहित कई जिलों में लगातार बारिश जारी है, जिससे कई पूजा पंडालों और अस्थायी संरचनाओं को नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने पूजा आयोजकों को सावधानी बरतने और भारी हवाओं में विद्युत साज-सज्जा बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

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