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नामांकन जांच पूरी होते ही पार्टियों ने तेज किया अभियान
नुआपड़ा। नुआपड़ा विधानसभा सीट पर आगामी 11 नवम्बर को होने वाले उपचुनाव को लेकर अब सियासी पारा तेजी से चढ़ गया है। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रचार अभियानों को गति दे दी है। बीजद, भाजपा और कांग्रेस के बीच यह मुकाबला त्रिकोणीय होने जा रहा है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 24 अक्टूबर तय की गई है, जिसके बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी होगी।
पार्टियों ने साधा प्रचार का मोर्चा
तीनों प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियों की घोषणा कर दी है। बीजद ने विकास को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाते हुए कोमना ब्लॉक के बंजरि मंदिर में पूजा के साथ अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की है। इसके बाद तड़बोड़ा, जतागढ़, मणिगुड़ा, कंदेतरा, ठीकापाली और गंडामेर पंचायतों में जनसभाओं की योजना है।
वहीं, भाजपा ने बीजद के विकास दावों को चुनौती देते हुए स्थानीय बेरोजगारी, सिंचाई परियोजनाओं की उपेक्षा और प्रशासनिक कमजोरियों को मुख्य मुद्दा बनाया है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने बीजद और भाजपा दोनों को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए जनता की उपेक्षा का आरोप लगाया है।
प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है नुआपड़ा उपचुनाव
बीजद विधायक राजेन्द्र ढोलकिया के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव अब तीनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। बीजद पश्चिम ओडिशा में अपना प्रभाव पुनः स्थापित करने की कोशिश में है, जबकि भाजपा इसे ग्रामीण क्षेत्रों में अपने जनाधार को मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है। कांग्रेस भी जमीनी संपर्क और घर-घर प्रचार अभियान के ज़रिए अपनी खोई पकड़ वापस पाने की कोशिश में है।
निर्वाचन आयोग की समय-सारणी
निर्वाचन आयोग के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया 14 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चली। जांच 22 अक्टूबर को हुई और 24 अक्टूबर तक नामांकन वापस लिए जा सकते हैं। मतदान 11 नवम्बर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवम्बर को की जाएगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 16 नवम्बर तक पूरी कर ली जाएगी।
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