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कहा-परंपराओं का सम्मान करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई होगी
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असमय रथयात्रा आयोजन पर गजपति महाराज की आपत्ति के बाद सरकार हुई सख्त
भुवनेश्वर। ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने इस्कॉन को चेतावनी दी कि वह जगन्नाथ संस्कृति की परंपराओं और नियमों का उल्लंघन न करे। यह बयान तब आया जब गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने हाल ही में इस्कॉन द्वारा असमय रथयात्रा आयोजित किए जाने पर आपत्ति जताते हुए एक पत्र जारी किया।
मंत्री ने कहा कि गजपति महाराज द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि रथयात्रा के आयोजन की तिथि और रीति-नीति शास्त्रसम्मत परंपराओं के अनुसार ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की परंपरा का उल्लंघन कहीं भी, किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। सरकार और श्रद्धालु अब इस्कॉन के आधिकारिक जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जगन्नाथ परंपरा से कोई समझौता नहीं – हरिचंदन
हरिचंदन ने कहा कि गजपति महाराज, जो श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष भी हैं, ने अत्यंत स्पष्टता से यह बताया है कि भगवानों की अनुष्ठानिक परंपराओं का पालन अनिवार्य है। मुझे उम्मीद है कि यह पत्र इस्कॉन के भीतर भक्ति, अनुशासन और परंपरा के प्रति जागरूकता का नया भाव जगाएगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर इस्कॉन ने निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया, तो सरकार कानूनी कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी।
गजपति महाराज का स्पष्ट निर्देश
गजपति महाराज ने इस्कॉन की गवर्निंग बॉडी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे रथयात्रा का आयोजन केवल आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि से शुरू होने वाले नौ दिवसीय शुभ काल में ही करें, जैसा कि पवित्र शास्त्रों और 12वीं सदी के वैष्णव परंपरा में निर्धारित है।
बताया गया है कि इस्कॉन ने स्नान यात्रा को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर आयोजित करने पर सहमति जताई है, लेकिन रथयात्रा को पारंपरिक तिथि पर आयोजित करने से इनकार किया है। इस मुद्दे ने न केवल धार्मिक अनुशासन, बल्कि परंपरागत मर्यादा के सम्मान को लेकर भी राज्यभर में चर्चा छेड़ दी है।
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