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पर्यावरण की सुरक्षा और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया
भुवनेश्वर। ओडिशा के राज्यपाल डॉ हरि बाबू ने सोमवार को राज्य के तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों में नागरिकों से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का आह्वान किया और इसके माध्यम से प्रदूषण कम करने तथा जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने पर जोर दिया।
भुवनेश्वर में आयोजित ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 42वें स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने बताया कि राजभवन के आधिकारिक वाहनों का बेड़ा पहले ही ईवी में परिवर्तित किया जा चुका है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आई है और यह अन्य संस्थाओं के लिए आदर्श प्रस्तुत करता है।
रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए भी प्रेरित किया
राज्यपाल ने नागरिकों को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इससे न केवल बिजली बिल कम होंगे, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और सरकारी योजनाओं के तहत सब्सिडी का लाभ भी उठाया जा सकेगा।
प्रदूषण आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा
राज्यपाल ने प्रदूषण को स्वास्थ्य, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा बताया और लोगों से प्लास्टिक उपयोग कम करने, ई-वेस्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, पौधरोपण और नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बोर्ड से अगले दशक के लिए हरित तकनीकों, शून्य-कचरा उद्योगों, युवाओं की भागीदारी और डिजिटल टूल्स के माध्यम से पर्यावरण निगरानी जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्यों की योजना बनाने का आग्रह किया।
ओएसपीसीबी की प्रशंसा की
ओएसपीसीबी की चार दशक लंबी यात्रा पर विचार करते हुए उन्होंने तेज़ी से बढ़ते औद्योगीकरण और पारिस्थितिक ज़िम्मेदारी के बीच संतुलन बनाने में एक नियामक, मार्गदर्शक और भागीदार के रूप में कार्य करने के लिए बोर्ड की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह दिन न केवल एक मील का पत्थर है, बल्कि ओडिशा के पर्यावरण की सुरक्षा के लिए बोर्ड के समग्र और प्रगतिशील दृष्टिकोण का उत्सव भी है।
पौधरोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह
उन्होंने नागरिकों और छात्रों से राज्य सरकार के 17 सितंबर से शुरू होने वाले विशाल पौधरोपण अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया, जिसके तहत पूरे ओडिशा में 75 लाख पौधे लगाए जाएंगे। राज्यपाल के अनुसार, इस पहल से हरित क्षेत्र का विस्तार होगा, वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की
राज्यपाल ने वायु गुणवत्ता सुधार, नदी पुनरुद्धार और उद्योगों व जल निकायों की वास्तविक समय निगरानी सहित ओएसपीसीबी की पहलों की भी सराहना की। उन्होंने ई-बसों, ईवी सब्सिडी, ब्याज मुक्त ऋणों और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर को व्यापक रूप से अपनाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।
वेबसाइट और प्रकाशनों का शुभारंभ
इस अवसर पर, राज्यपाल ने बोर्ड की वेबसाइट और प्रकाशनों का शुभारंभ किया। साथ ही रेत कलाकार मानस कुमार साहू को सम्मानित किया। प्रदूषण नियंत्रण उत्कृष्टता एवं प्रशंसा पुरस्कार प्रदान किए और प्रकृति संरक्षण एवं हरित उद्यमियों के रूप में उनकी उपलब्धियों के लिए महिलाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव मनोज अहूजा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास के लिए सामूहिक जिम्मेदारी आवश्यक है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास के लिए सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता है। इस अवसर पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव सत्यव्रत साहू; प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) एवं वन बल प्रमुख (एचओएफएफ) सुरेश पंत और पीसीसीएफ प्रेम कुमार झा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। ओएसपीसीबी की सदस्य सचिव उमा नंदूरी ने स्वागत भाषण दिया, जबकि ओएसपीसीबी के मुख्य पर्यावरण अभियंता डॉ निहार रंजन साहू ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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