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कृषि क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव
भुवनेश्वर। संबलपुर में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना होने जा रही है। यह संस्थान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर उत्पादन और लाभ बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही, सतत एवं लाभकारी खेती को बढ़ावा देते हुए ओडिशा की कृषि को नई दिशा और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
लोक सेवा भवन में आज उपमुख्यमंत्री एवं कृषि एवं किसान सशक्तिकरण तथा ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंहदेव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में संबलपुर में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई।
केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम, 1992 के तहत प्रस्तावित यह विश्वविद्यालय कृषि व सहायक विज्ञानों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा योग्य स्नातक और स्नातकोत्तर तैयार करेगा। इसके साथ ही यह उत्पादकता बढ़ाने, सतत और लाभकारी कृषि प्रणाली विकसित करने तथा अनुसंधान को नई दिशा देने में सहायक होगा।
गेम चेंजर साबित होगा विश्वविद्यालय
उपमुख्यमंत्री सिंहदेव ने कहा कि यह विश्वविद्यालय ओडिशा के लिए गेम चेंजर साबित होगा। यह कृषि अनुसंधान को गति देगा, किसानों को सशक्त बनाएगा और सतत खेती के नए-नए नवाचारों को बढ़ावा देगा। साथ ही, यह निर्णय खाद्य व पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने और कृषि व संबद्ध पेशों को लाभकारी उद्यम में बदलने में मील का पत्थर साबित होगा।
बैठक में अधिकारियों ने रखी अहम राय
बैठक में कृषि एवं किसान सशक्तिकरण विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी, वित्त विभाग के संजीव कुमार मिश्र, मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास विभाग के सुरेश कुमार और ओयूएटी के कुलपति डॉ प्रभात कुमार राउल उपस्थित रहे। बैठक में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के प्रस्ताव पर कई अहम सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।
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