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दो दिवसीय “जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स” का उन्मुखीकरण कार्यक्रम शुरू
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नवाचार को अपनाएं, विकास के लिए सक्रिय पहल करें और विकसित ओडिशा का लक्ष्य प्राप्त करें: उषा पाढ़ी
भुवनेश्वर। राज्य के शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दो दिवसीय “जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स” का उन्मुखीकरण कार्यक्रम आज भुवनेश्वर स्थित सुडा कॉन्फ्रेंस हॉल में आरंभ हुआ। इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन ओडिशा सरकार की आवास एवं शहरी विकास विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती उषा पाढ़ी ने किया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए श्रीमती पाढ़ी ने कहा कि विकसित ओडिशा एट 2036 और विकसित भारत एट 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को साकार करने के लिए हमें पारंपरिक सोच से बाहर निकलना होगा। शहरी प्रबंधन में अब एक नई सोच, नवाचार, समावेशन और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रणनीति अपनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि शहरी कार्यक्रमों को केवल योजनाओं के रूप में नहीं, बल्कि जनजीवन में बदलाव लाने के प्रतिबद्ध प्रयासों के रूप में देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना, सहजोग और अंकुर जैसे प्रमुख कार्यक्रमों को जिम्मेदारी और सक्रियता से लागू करना होगा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विचार साझा किए, जिनमें अरिंदम डाकुआ (निदेशक, नगरपालिका प्रशासन), गंगाधर नायक (विशेष सचिव), शत्रुघ्न कर (अतिरिक्त सचिव), शिखा बिस्वाल (वित्तीय सलाहकार), सरोज कुमार दास (संयुक्त सचिव), बिलास बेहरा (मुख्य अभियंता) और गुरुचरण दास (प्रबंध निदेशक, वाटको) प्रमुख रहे।
इन वरिष्ठ अधिकारियों ने “हाउसिंग फॉर ऑल”, रहने योग्य शहरों का विकास, शहरी स्वच्छता, जल आपूर्ति प्रणाली, शहरी नियोजन, सुशासन और ई-गवर्नेंस में नवाचार जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम की शुरुआत में अतिरिक्त सचिव एवं परियोजना निदेशक, सुडा, रवींद्र कुमार साहू ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों को प्रस्तुत किया। उन्होंने मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे जिलों एवं शहरी स्थानीय निकायों में संस्थागत क्षमता निर्माण एवं नवाचार प्रसार में अहम भूमिका निभाएंगे।
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