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‘ऑफिस आउट’ समय दर्ज न करने पर मानी जाएगी गैरहाजिरी
भुवनेश्वर। प्रशासनिक कार्यकुशलता और कार्यालयों में अनुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्यालय समय के पालन को लेकर एक नया दिशा-निर्देश जारी किया है। सामान्य प्रशासन और लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को बायोमेट्रिक अटेंडेंस रिकॉर्डिंग सिस्टम में अपने ‘ऑफिस इन’ और ‘ऑफिस आउट’ दोनों समय अनिवार्य रूप से दर्ज करने होंगे।
यदि कोई कर्मचारी ‘ऑफिस आउट’ का समय दर्ज नहीं करता है, तो उस दिन की ड्यूटी पर उनकी अनुपस्थिति मानी जा सकती है। यह कदम समय की पाबंदी को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
समय पर पहुंचना अनिवार्य
अधिसूचना में कहा गया है कि प्रत्येक कर्मचारी को निर्धारित समय तक कार्यालय पहुंचना अनिवार्य है। ऐसे कार्यालय जहां रोस्टर के आधार पर उपस्थिति होती है, वहां विभाग प्रमुख द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार रिपोर्टिंग समय ही निर्धारित समय माना जाएगा। इन निर्देशों का समान रूप से रोस्टर पर कार्यरत कर्मचारियों पर भी लागू होना सुनिश्चित किया गया है।
देरी पर होगी आकस्मिक अवकाश की कटौती
यदि कोई कर्मचारी किसी दिन अधिकतम 30 मिनट की देरी से पहुंचता है, तो ऐसे कुल तीन दिन की देरी को एक कैलेंडर माह में विभागाध्यक्ष या अधिकृत अधिकारी द्वारा माफ किया जा सकता है। लेकिन तीन बार से अधिक देर से आने पर, हर तीन दिन की देरी के बदले एक दिन का आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) कर्मचारी के खाते से काट लिया जाएगा।
देर रात तक काम करने वालों को छूट
यह भी माना गया है कि कई कर्मचारी देर शाम तक और कई बार सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी कार्यालयीन कार्य में लगे रहते हैं। ऐसे मामलों में यदि कर्मचारी देर से पहुंचते हैं, तो उचित प्राधिकारी की स्वीकृति मिलने पर उन पर किसी प्रकार की सजा नहीं लागू की जाएगी।
कार्य अवधि और उपस्थिति की शर्तें
सरकारी आदेश के अनुसार, प्रत्येक कर्मचारी को कार्यदिवस में कम से कम 7.30 घंटे कार्यालय में उपस्थित रहना होगा। हालांकि, उन दिनों जब व्यवसायिक कार्य सुबह के समय निर्धारित किए गए हों, उस स्थिति में यह नियम शिथिल हो सकता है।
कुछ स्थितियों में मिलेगी छूट
यदि कोई कर्मचारी सरकारी दौरे पर है या कार्यालय परिसर के बाहर किसी आधिकारिक कार्य में व्यस्त है, और इस कारण वह ‘ऑफिस इन’ या ‘ऑफिस आउट’ का समय दर्ज नहीं कर पाया, तो सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर उसे इस नियम से छूट दी जा सकती है।
राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालय के कर्मचारी रहेंगे बाहर
हालांकि, यह निर्देश राज्यपाल सचिवालय, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे। उन्हें इस नीति से बाहर रखा गया है।
ओडिशा सरकार का यह कदम सरकारी विभागों में समय की पाबंदी और कार्य-संस्कृति को बेहतर बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। यह नीति न केवल जवाबदेही बढ़ाएगी, बल्कि सरकारी कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति और अधिक सजग बनाएगी।
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