-
भारत से वियतनाम गये भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को भारत लाना है उद्देश्य
भुवनेश्वर। भारत से वियतनाम गये भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को भारत लाने के उद्देश्य से इस समय वियतनाम दौरे पर गए ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भंपाटी ने क्वांग नाम प्रांत स्थित प्रसिद्ध माय सन मंदिर परिसर का दौरा किया। राजभवन द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।
यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सहायता से पुनर्स्थापित किया जा रहा है, जिससे राज्यपाल का यह दौरा विशेष महत्व रखता है।
माय सन वियतनाम के सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थलों में से एक है और इसके कुछ हिंदू मंदिर चौथी शताब्दी के हैं। ये प्राचीन मंदिर चम्पा साम्राज्य द्वारा निर्मित किए गए थे और दक्षिण-पूर्व एशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का एक प्रमुख प्रतीक माने जाते हैं।
अपने दौरे के दौरान राज्यपाल ने भारत की सहायता से चल रहे पुनर्स्थापन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों ने उन्हें इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए अपनाए गए विशेष तकनीकी उपायों की जानकारी दी।
मंदिर परिसर एक सुंदर घाटी में स्थित है, जो चारों ओर से पर्वतों और झरनों से घिरा हुआ है। यह स्थल सातवीं से तेरहवीं शताब्दी के बीच चम्पा सभ्यता का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र था।
वर्तमान में यहां लगभग 70 मंदिर संरचनाएं मौजूद हैं। इन मंदिरों की अद्वितीय स्थापत्य शैली में उच्च स्तर की तकनीकी दक्षता और सौंदर्य दृष्टि झलकती है। यह मंदिर सदियों तक मजबूती से खड़े रहकर इतिहासकारों और स्थापत्य विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
यह स्थल चम्पा साम्राज्य के साथ-साथ भारत और चीन जैसी महान सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक संबंधों का भी प्रमाण प्रस्तुत करता है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal


