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ऑपरेशन सिंदूर में ओडिशा निर्मित ड्रोन ‘बोन-वी’ की रही अहम भूमिका

  • 20 से अधिक बोन-वी ड्रोन का उपयोग

  • 10 हजार फीट की ऊंचाई पर सेना को राशन, गोला-बारूद पहुंचाने में किए गए उपयोग

भुवनेश्वर। जम्मू-कश्मीर के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में हाल ही में सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में ओडिशा में निर्मित स्वदेशी ड्रोन ‘बोन-वी’ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सूत्रों के अनुसार, इन भारी-भरकम लॉजिस्टिक ड्रोन की मदद से 10,000 फीट की ऊंचाई पर तैनात सैनिकों तक राशन, पेय पदार्थ और गोला-बारूद जैसे जरूरी सामान पहुंचाए गए।

ऑपरेशन के दौरान 20 से अधिक बोन-वी ड्रोन का उपयोग किया गया, जिसने इनकी क्षमता, विश्वसनीयता और दक्षता को साबित कर दिया। ऑपरेशन से पहले सेना के अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया, ताकि ये ड्रोन सफलतापूर्वक तैनात किए जा सकें। बोन-वी के सह-संस्थापक अभिनाश साहू खुद जम्मू-कश्मीर में मौजूद रहे और तकनीकी सहायता के साथ-साथ जवानों का मार्गदर्शन भी किया।

स्वदेशी तकनीक से बना भारी-भरकम ड्रोन

बोन-वी एरो एक ओडिशा आधारित स्टार्टअप कंपनी है, जिसने यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित लॉजिस्टिक ड्रोन विकसित किया है। कंपनी के सह-संस्थापक अभिनाश साहू ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि युद्ध के दौरान केवल सैनिकों की तैनाती ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उन्हें समय पर रसद भी पहुंचाना जरूरी होता है। हमारे बोन-वी ड्रोन इस जरूरत को पूरा करने में बेहद मददगार साबित हुए हैं।

नॉर्दर्न कमांड को ड्रोन की आपूर्ति

उन्होंने आगे कहा कि हम पहले भी नॉर्दर्न कमांड को ड्रोन की आपूर्ति कर चुके हैं और करीब 200 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जो अब स्वतंत्र रूप से इन ड्रोनों का उपयोग कर रहे हैं। राजौरी, पुंछ से लेकर लद्दाख और कारगिल तक, हमारे ड्रोन तैनात किए गए हैं।

आत्मनिर्भर भारत की उड़ान

बोन-वी जैसे स्वदेशी स्टार्टअप द्वारा बनाए गए इन ड्रोन ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है। दुर्गम और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इलाकों में इनकी प्रभावशीलता से न केवल सैनिकों को राहत मिली, बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का भी प्रमाण मिला।

सेना के लिए तीन प्रमुख प्रकार के ड्रोन

अभिनाश साहू के अनुसार, भारतीय सेना मुख्य रूप से तीन तरह के ड्रोन का उपयोग करती है।

  1. लूटरींग म्यूनिशन– ये ड्रोन बमबारी करने में सक्षम होते हैं।
  2. लॉजिस्टिक ड्रोन– राशन, दवाइयां और गोला-बारूद पहुंचाने में उपयोगी।
  3. सर्विलांस ड्रोन– निगरानी और जासूसी के लिए तैनात किए जाते हैं।
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