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दीघा के नए मंदिर परिसर में सोमवार रात चुपचाप दोबारा लगाया गया बोर्ड
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पुलिस ने भी की पुष्टि
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ओडिशा सरकार की कानूनी चेतावनी के बाद भी नहीं आया कोई आधिकारिक बयान
भुवनेश्वर। दीघा स्थित नव-निर्मित जगन्नाथ मंदिर को ‘जगन्नाथ धाम’ कहे जाने को लेकर छिड़े विवाद के बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार देर रात मंदिर परिसर के बाहर ‘जगन्नाथ धाम’ का बोर्ड दोबारा लगा दिया है।
यह कदम उस समय उठाया गया जब कुछ दिन पहले भारी जनविरोध, राजनीतिक तूफान और धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचने की आशंका के चलते बंगाल सरकार ने अस्थायी रूप से यह बोर्ड हटा दिया था।
इस पुनःस्थापना की पुष्टि भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए की। उन्होंने लिखा था कि प्रभु जगन्नाथ के भक्तों के प्रबल विरोध के बाद पश्चिम बंगाल सरकार को चुपचाप ‘धाम’ वाला भ्रामक साइनबोर्ड हटाना पड़ा था। यह हिंदू एकता की बड़ी जीत थी। परंतु अब उन्होंने इसे फिर से लगा दिया है।
हालांकि, इसके उलट पूर्व मेदिनीपुर पुलिस ने बीती रात एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया कि ‘जगन्नाथ धाम’ का बोर्ड अभी भी मंदिर के बाहर मौजूद है। रात में देखा गया कि वहां एक बड़ा होर्डिंग पुनः स्थापित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि ओडिशा सरकार ने पहले ही धार्मिक शब्दावली के इस तरह के दुरुपयोग पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन इस ताजा घटनाक्रम पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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