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कवि जयदेव की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है भव्य आध्यात्मिक केंद्र का निर्माण
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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पुनर्विकास परियोजना का शुभारंभ किया
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महान संस्कृत कवि जयदेव की जन्मस्थली खुर्दा जिले के केन्दुली में सात करोड़ रुपये की लागत वाली जयदेव पीठ पुनर्विकास परियोजना का शुभारंभ किया। यह स्थान अब एक समर्पित सांस्कृतिक, साहित्यिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
जयदेव जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि जयदेव और उनकी कालजयी रचना ‘गीत गोविंद’ ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान का आधार है। इस परियोजना का उद्देश्य उनकी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
परियोजना में क्या होगा खास?
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस केंद्र को प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक वैभव के संगम के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत दस कमल तालाबों, पुष्प उद्यानों, हरे-भरे उपवनों, भव्य प्रवेश द्वार, दशावतार प्लाजा तता कारीगरों की दुकानें और फूड कोर्ट का निर्माण किया जाएगा, जिससे जयदेव की काल की अनुभूति इस स्थल पर हो सके।
स्थानीय पर्यटन को बल मिलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से न केवल स्थानीय पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि युवाओं में साहित्य, कला और अध्यात्म के प्रति रुचि भी बढ़ेगी। उन्होंने इसे राज्य सरकार की सांस्कृतिक नायकों की विरासत को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
सांसद को सौंपी निगरानी की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने भुवनेश्वर सांसद अपराजिता षाड़ंगी से अनुरोध किया कि वे परियोजना की निगरानी करें और जयदेव पीठ को एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने में सहयोग करें। साथ ही उन्होंने संस्कृति, पर्यटन और सूचना एवं जनसंपर्क विभागों को एक व्यापक परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, विधायक बाबू सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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