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जेपी नड्डा का विधायकों और सांसदों को चेतावनी भरा 14 सूत्रीय मंत्र

  • ओडिशा में भाजपा नेताओं को पढ़ाया कार्यसंहिता का पाठ

  • कहा-अहंकार छोड़ें, गुटबाजी छोड़ें, जमीनी जुड़ाव से भरोसा कमाओ

पुरी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को पुरी में आयोजित भाजपा प्रशिक्षण शिविर के दौरान पार्टी के सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को 14 बिंदुओं की कार्यसंहिता का पाठ पढ़ाते हुए साफ संदेश दिया कि अब समय है अहंकार छोड़कर जमीनी स्तर पर जुड़ने का।

करीब एक घंटे चले इस सत्र में नड्डा ने नेताओं से कहा कि इस बात का घमंड न करें कि आप विधायक, सांसद या मंत्री हैं। गुटबाजी, चापलूसी छोड़िए और पहले अपनी व्यक्तिगत पहचान और विश्वसनीयता बनाइए।

यह विशेष सत्र ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पंडा, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, जुएल ओराम सहित राज्यभर के भाजपा जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।

इस दौरान उन्होंने नेताओं को नियमित रूप से गांवों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं का दौरा करने, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदायों के साथ नियमित संपर्क स्थापित करने की सलाह दी। नड्डा ने कहा कि आपको सिस्टम के साथ मिलकर काम करना आना चाहिए। सरकार और संगठन के बीच समन्वय आवश्यक है।

नड्डा ने पार्टी संरचना और सरकारी तंत्र के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने नेताओं से केंद्रीय और राज्य स्तरीय योजनाओं के बारे में जानकारी रखने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करने का आग्रह किया।

14 सूत्रीय मार्गदर्शन की मुख्य बातें:

  1. अहंकार और दिखावे से दूर रहें,अपने व्यवहार से जनता का विश्वास जीतें।
  2. गांव-गांव जाकर जनता से सीधा संवाद करें,उनकी समस्याएं समझें।
  3. आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में कम से कम आधा घंटा बिताएं।
  4. योजनाओं का जमीनी सत्यापन करें—सिर्फ कागजों पर भरोसा न करें।
  5. दलित परिवारों से नियमित संपर्क बनाए रखें,उनके साथ आत्मीय जुड़ाव बनाएं।
  6. सरकारी अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखें, ताकि योजनाएं सुचारू रूप से लागू हो सकें।
  7. संगठन और सरकार के बीच संतुलन और संवाद अनिवार्य है।
  8. प्रतिस्पर्धी भावना से कार्य करें,लेकिन किसी के खिलाफ नहीं— विकास के लिए।
  9. प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण करें,लेकिन केवल उद्घाटन या तस्वीरों तक सीमित न रहें।
  10. लोकप्रियता के पीछे न भागें,ईमानदारी से कार्य करेंगे तो पहचान खुद बनेगी।
  11. राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी रखें और लोगों को भी बताएं।
  12. फील्ड वर्क को प्राथमिकता दें,सिर्फ औपचारिक राजनीति में समय न गवाएं।
  13. परिवार की भावना से काम करें,सभी वर्गों को साथ लेकर चलें।
  14. मूल विचारधारा को समझें,केवल सत्ता नहीं,सेवा और विचार से जुड़ाव ज़रूरी है।

विचार, प्रशासन और चुनाव की तैयारी है शिविर

इस प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य विचारधारा की मजबूती, प्रशासनिक समन्वय और चुनावी रणनीति की तैयारी है। नड्डा ने स्पष्ट किया कि पार्टी के प्रतिनिधियों को सिर्फ चुनाव के समय नहीं, बल्कि पूरे कार्यकाल में ज़िम्मेदारी के साथ सक्रिय रहना होगा। ओडिशा से शुरू हुआ यह प्रशिक्षण अभियान अब देशभर में पार्टी की कार्यशैली और दृष्टिकोण को नया दिशा देने की ओर संकेत कर रहा है।

सांसद अपराजिता षाड़ंगी ने मीडिया को दिए गए बयान में कहा कि जेपी नड्डा ने जो 14 बिंदु दिए, वे बिल्कुल व्यावहारिक और जमीन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने हमसे कहा कि गांवों में जाकर परिवार की तरह सभी को साथ लेकर विकास में भाग लें।

सांसद रुद्र पाणी ने कहा कि जेपी नड्डा ने कहा कि एक सच्चा नेता वह हैं, जिसे प्रचार में रहने की चिंता नहीं होती। वह बस अपना काम करता है और परिणाम अपने आप सामने आते हैं।

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