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नरसिंह मिश्र ने लगाया सनसनीखेज आरोप
भुवनेश्वर। विवादित वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद में बीजद (बीजू जनता दल) के समर्थन ने पार्टी के भीतर दरारें पैदा कर दी हैं और विपक्ष ने भी तीखी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विपक्ष के नेता नरसिंह मिश्र ने बीजद नेतृत्व पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की राजनीतिक स्वतंत्रता पर ही सवाल खड़ा कर दिया है।
रविवार को मीडिया से बात करते हुए मिश्र ने दावा किया कि नवीन पटनायक को “नजरबंद” कर दिया गया है। यह स्थिति न सिर्फ अभी है, बल्कि पहले भी वह इस तरह की स्थिति में रह चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ओडिशा में बीजद का कोई अस्तित्व नहीं बचेगा। ऐसा लगता है कि बीजद के नेता भाजपा में विलय करने वाले हैं या फिर एक साझा मंत्रिमंडल बनने जा रहा है। नवीन पटनायक अब नियंत्रण में नहीं हैं। उन्हें पर्दे के पीछे से उनके मुख्य सलाहकार द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है। उन्हें फिर से नजरबंद कर दिया गया है। पहले भी वह इस तरह के नियंत्रण में थे।
मिश्र ने यह भी आरोप लगाया कि बीजद ने अपनी स्वायत्तता से समझौता किया है और केंद्र सरकार के साथ काला सौदा किया है। उन्होंने कहा कि नवीन पटनायक को दिल्ली ले जाकर उनके नाम पर काले सौदे किए गए हैं। अब यह वह बीजद नहीं रही, जिसे बीजू पटनायक के आदर्शों को बनाए रखने के लिए बनाया गया था। उन्होंने यह भी इशारा किया कि जल्द ही एक संयुक्त मंत्रिमंडल बन सकता है, जिससे पर्दे के पीछे चल रही राजनीतिक गतिविधियों की ओर संकेत मिलता है। हालांकि उन्होंने इस संभावित गठबंधन में शामिल दलों के बारे में स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा। बीजद की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी ने वक्फ बिल पर अपने समर्थन को लेकर भी कोई सफाई नहीं दी है।
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