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प्रस्ताव मसौदा समिति का गठन
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मौजूदा दंड प्रावधान ड्रोन उड़ाने या मंदिर में मोबाइल से फोटो या वीडियो लेने जैसी घटनाओं के लिए अपर्याप्त
भुवनेश्वर। श्री जगन्नाथ मंदिर अधिनियम में संशोधन के लिए एक प्रस्ताव ओडिशा सरकार को भेजा जाएगा। इस संबंध में कल श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) कार्यालय में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया। मंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने बताया कि मौजूदा दंड प्रावधान ड्रोन उड़ाने या मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन से फोटो या वीडियो लेने जैसी घटनाओं के लिए अपर्याप्त हैं। इसे औपचारिक रूप देने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है।
मुख्य प्रशासक की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें आगामी रथ यात्रा की तैयारियां, रत्न भंडार (मंदिर कोषागार) के संरक्षण और नवीनीकरण की प्रगति, मंदिर के स्वामित्व वाली भूमि से जुड़े मुद्दे, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट, तथा नाट मंडप में वातानुकूलित दर्शन व्यवस्था का कार्यान्वयन शामिल हैं।
मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय रत्न भंडार के अंदर और बाहर के पांच जंग लगे लोहे के बीमों को स्टेनलेस स्टील के बॉक्स बीम से बदलने का लिया गया।
ये बीम जंग और सड़न के कारण क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिन्हें अक्षय तृतीया तक मरम्मत और प्रतिस्थापित किया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, रत्न भंडार के भीतर और बाहर के 5 लोहे के बीम को स्टेनलेस स्टील बीम से बदला जाएगा। खोडलाइट पत्थरों को भी समान पत्थरों से प्रतिस्थापित किया जा रहा है।
आधिकारिक यूट्यूब चैनल होगा शुरू
मंदिर प्रशासन ने ओड़िया नववर्ष से भगवान जगन्नाथ के लिए आधिकारिक यूट्यूब चैनल शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही गुंडिचा मंदिर के पास एक सूचना केंद्र स्थापित करने और तीर्थयात्रियों के लिए एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाने का भी निर्णय लिया गया है।
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