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प्रवेश के लिए बच्चों की आयु 1 सितंबर तक छह वर्ष पूरी होनी अनिवार्य
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा के बाद कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु छह वर्ष या उससे अधिक निर्धारित करने का निर्णय लिया है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप उठाया गया है, जिससे छात्रों के समग्र और संरचित शैक्षणिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
ओडिशा में एनईपी 2020 को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू किया जाएगा। इसी पहल के तहत, कक्षा 1 में प्रवेश के लिए छह वर्ष या उससे अधिक की आयु अनिवार्य कर दी गई है। यह निर्णय बच्चों को मजबूत आधारभूत शिक्षा देने और उच्च कक्षाओं में सुचारू रूप से आगे बढ़ने में मदद करेगा।
इसके अलावा, सरकार ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आयु गणना के नियमों में बदलाव किया है। पहले, प्रवेश के लिए बच्चों की आयु 31 मार्च तक छह वर्ष पूरी होनी अनिवार्य थी, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 1 सितंबर कर दी गई है।
मंगलवार को स्कूल और जन शिक्षा विभाग ने जानकारी दी कि इस बदलाव से छात्रों को अधिक लचीलापन मिलेगा और वे प्राथमिक शिक्षा में प्रवेश से पहले उचित प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
शिक्षा विभाग ने जोर देकर कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय नीतियों के अनुरूप है और इसे राज्य के सभी स्कूलों में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। स्कूलों और अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे संशोधित प्रवेश मानदंडों को ध्यान में रखते हुए आगामी शैक्षणिक वर्ष की योजना बनाएं।
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