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केंद्रापड़ा में लंबी दूरी तय करने को लोग मजबूर
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कटक जिले के गांवों में गंभीर जल संकट
केंद्रपाड़ा। गर्मी बढ़ने के साथ ही ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के तालचुआ पंचायत के ज्योतिप्रसाद गांव में भीषण जल संकट गहराता जा रहा है। गांव के निवासियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए प्रतिदिन करीब दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। यह समस्या कोई नई नहीं, बल्कि पिछले कई दशकों से चली आ रही है।
बताया गया है कि गांव में इस समय केवल एक ही नलकूप चालू है, जिससे ज्योतिप्रसाद गांव के 30 परिवारों और पास के राजपाटना गांव के 30 परिवारों की जल आपूर्ति होती है। करीब 300 से अधिक लोग इसी एकमात्र जलस्रोत पर निर्भर हैं, जिससे पानी की समस्या की गंभीरता स्पष्ट होती है।
गांव की महिलाएं और छोटे बच्चे घंटों कतार में खड़े रहते हैं ताकि वे अपनी जरूरत का पानी भर सकें। पाइपलाइन के जरिए जल आपूर्ति इन गांवों के लिए अब भी एक सपना बनी हुई है।
बुनियादी ढांचे की कमी बनी समस्या
राजपाटना के निवासी रोज बांस के पुल को पार कर लगभग दो किलोमीटर पैदल चलकर इस नलकूप तक पहुंचते हैं। लेकिन इसके बावजूद स्थानीय जल आपूर्ति विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
एक ग्रामीण ने कहा कि हम बीते 20 वर्षों से पर्याप्त जल आपूर्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन हमारी गुहार अनसुनी रह जाती है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि हमारी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे। गर्मी के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं। हमारी बस इतनी मांग है कि हमारे गांव में भी एक नया नलकूप लगाया जाए।
समाधान का आश्वासन
अब जल आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
पत्तामुंडई ग्रामीण जल एवं स्वच्छता विभाग के सहायक कार्यकारी अभियंता बसंत सेठी ने मीडिया को दिये गये बयान में कहा है कि हमें जानकारी मिली है कि गांव में नलकूप काफी दूर स्थित है। हमने इस साल नलकूप के नवीनीकरण की योजना में इस गांव को भी शामिल कर लिया है। जैसे ही फंड स्वीकृत होगा, गांव में एक नया नलकूप खोदा जाएगा।
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