भुवनेश्वर। ओडिशा सतर्कता विभाग ने नुआपड़ा जिले के घुचागुड़ा ग्राम पंचायत के पंचायत कार्यकारी अधिकारी (पीईओ) सत्यब्रत बराल और उनके भाई उत्तम बराल को 7.2 लाख रुपये के सरकारी फंड की हेराफेरी के आरोप में गिरफ्तार किया है।
सतर्कता विभाग की जांच में सामने आया कि सत्यब्रत बराल, उनके भाई उत्तम बराल, कुरेश्वर ग्राम पंचायत की सरपंच बिजयलक्ष्मी बराल और कुरेश्वर ग्राम पंचायत के पीईओ बरुण दास ने मिलकर सेंट्रल फाइनेंस कमिशन (सीएफसी) और स्टेट फाइनेंस कमिशन (एसएफसी) के फंड की हेराफेरी की।
ये फंड वर्ष 2024-25 के लिए हाई मास्ट लाइट लगाने, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत, और पंचायत क्षेत्र में जिम उपकरणों की आपूर्ति के लिए आवंटित किए गए थे। लेकिन, कोई भी काम किए बिना ही पूरी राशि का गबन कर लिया गया।
जांच में पाया गया कि 7.2 लाख रुपये में से 4.2 लाख रुपये सत्यब्रत बराल और उनके भाई उत्तम बराल के बैंक खातों में जमा किए गए। ये दोनों कुरेश्वर ग्राम पंचायत की सरपंच बिजयलक्ष्मी बराल के बेटे हैं।
इसके अलावा, शेष 3,00,981 रुपये बरुण दास के खाते में स्थानांतरित किए गए।
मामला दर्ज, जांच जारी
सतर्कता विभाग ने सत्यब्रत बराल, उत्तम बराल, बिजयलक्ष्मी बराल और बरुण दास के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। विभाग ने आगे की जांच शुरू कर दी है, जिससे और भी खुलासे होने की संभावना है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
