भुवनेश्वर: कीस डीम्ड विश्वविद्यालय के तीन खिलाड़ियों: पाबनी सबर, सुभाश्री सिंह और मगई माझी ने खो -खो के पारंपरिक खेल में इतिहास रच दिया है। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में खेले गये पहले खो-खो विश्वकप में भारत पुरुष और महिला दोनों वर्गों में विजयी हुआ। कीस के पावनी सबर ने भारतीय पुरुष टीम में प्रतिनिधित्व किया जबकि सुभश्री सिंह और मगई माझी महिला टीम की हिस्सा थीं। इस उपलब्धि ने भारतीय और ओडिशा के खेलों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
ऐसे में कीट और कीस यूनिवर्सिटी के संस्थापक प्रो. अच्युत सामंत ने व्यक्तिगत रूप से दिल्ली जा कर चैंपियनों को बधाई दी। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि तीनों विश्व चैंपियन न केवल कीस के लिए बल्कि ओडिशा, भारत और पूरे आदिवासी समुदाय के लिए भी गर्व का विषय हैं। गौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी भारतीय खो-खो टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए अपने ‘एक्स’ हैंडल पर बधाई दी है।
प्रो. सामंत ने इस सम्मान के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय प्रो. अच्युत सामंत और “कीस” ( कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंसेज ) को दिया तथा कहा कि उन्हें जो समर्थन और प्रोत्साहन मिला है, उससे ही यह उपलब्धि मिली है।
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