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रोग से घृणा करें, रोगी से नहीं
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बालेश्वर में पहले कोरोना से संक्रमित होने वाले व्यक्ति के घर जाकर केंद्रीय मंत्री प्रताप षड़ंगी ने मुलाकात की
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परिवार के सदस्यों ने जतायी खुशी
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कहा-कोरोना रोगियों के प्रति व्यवहार को लेकर लोगों के नजरिये में आयेगा बदलाव

गोविंद राठी, बालेश्वर
जिले में गुमशुदगी के पोस्टर लगाने वालों को करारा जवाब देते हुए आज केंद्रीय मंत्री प्रताप षड़ंगी ने समाज को एक बड़ा सकारात्मक संदेश दिया. जिले के पहले एवं राज्य के 61 नंबर कोरोना से संक्रमित होने वाले व्यक्ति से मिलने के लिए आज उसके घर गये केंद्रीय मंत्री प्रताप षड़ंगी.
शहर के नीलायाबाग अंचल के वीरेंद्र राउत कोरोना से संक्रमित हुए थे एवं अब वह पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर वापस आ गए हैं. केंद्रीय मंत्री ने इस मुलाकात के जरिये लोगों को संदेश दिया कि कोरोना से घृणा कर सकते हैं, लेकिन रोगी से किसी भी हाल में घृणा नहीं किया जाना चाहिए. उनका संदेश यह भी था कि कोरोना से बचा जा सकता है और स्वस्थ भी हो सकते हैं. घृणा किसी से भी नहीं करनी चाहिए.
आज बालेश्वर दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री तथा यहां के सांसद षड़ंगी ने वीरेंद्र से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. कोरोना से भयभीत ना होकर एवं कोरोना से संक्रमित होने वाले लोगों से घृणा ना करने के लिए षड़ंगी ने लोगों से आह्वान किया. उधर, केंद्रीय मंत्री के खुद रोगी के घर पहुंच कर मुलाकात करने के बाद वीरेंद्र एवं उनके परिवार के लोगों में काफी खुशी है एवं उन्होंने केंद्रीय मंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है.
उनका कहना है कि एक ओर जहां लोग उन्हें घृणा की दृष्टि से देखते थे, वैसी स्थिति में मंत्री षड़ंगी ने उनके घर अचानक पहुंचकर उनसे मुलाकात की. उनके परिवार के लोगों ने उम्मीद जतायी कि इससे रोगियों के प्रति व्यवहार करने को लेकर लोगों के नजरिए में जरूर बदलाव आएगा.
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