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वर्षांत पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक रुका था काम
पुरी। जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की मरम्मत का कार्य 3 जनवरी से फिर शुरू होने जा रहा है। वर्षांत पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यह कार्य 25 दिसंबर से 2 जनवरी तक रोक दिया गया था।
मरम्मत कार्य के दौरान पहले रत्न भंडार के अंदरूनी और बाहरी हिस्सों (भीतरी रत्न भंडार और बाहरी रत्न भंडार) से चूने का प्लास्टर हटाया गया था। इससे पत्थरों की सतह पर दरारें उजागर हुईं। यह दरारें पत्थरों को जोड़ने के लिए इस्तेमाल किए गए लोहे के सरियों के फैलाव के कारण हुई हैं, जिससे कई पत्थर कमजोर हो गए हैं।
अब योजना है कि सभी दरारयुक्त पत्थरों को बदला जाएगा। इसके साथ ही, जंग लगे लोहे के बीमों को स्टील के बीमों से बदला जाएगा, जैसा कि पहले जगमोहन के मरम्मत कार्य में किया गया था।
भीतरी रत्न भंडार के संरक्षण का काम पूरा होने के बाद, बाहरी रत्न भंडार (बाहरा रत्न भंडार) की मरम्मत पर ध्यान दिया जाएगा।
पुरी कलेक्टर सिद्धार्थ शंकर स्वाईं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मरम्मत कार्य कल से शुरू होगा और इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम तैयार है। यह काम पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार पूरा किया जाएगा। इसके बाद अन्य कार्य किए जाएंगे।
कलेक्टर ने कहा कि तकनीकी पहलुओं को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारी बेहतर जानकारी दे सकते हैं। जीपीआर-जीपीएस सर्वेक्षण की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। मचान और प्लास्टर हटाने का काम पहले ही पूरा हो चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी आपको बाद में दी जाएगी।
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