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मन की बात में सुनाई सफलता की कहानी
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कहा- छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव संभव
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लोगों से अपने क्षेत्रों में एफपीओ को प्रोत्साहित करने की अपील की
भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में ओडिशा के कलाहांडी जिले के किसानों की प्रशंसा की, जिन्होंने ‘सब्जी क्रांति’ को संभव बनाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी यहां के किसान मजबूरी में पलायन करते थे, लेकिन आज कलाहांडी का गोलामुंडा ब्लॉक सब्जियों का हब बन चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कलाहांडी की यह सफलता हमें सिखाती है कि दृढ़संकल्प और सामूहिक प्रयास से क्या कुछ संभव है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि अपने क्षेत्र में एफपीओ को प्रोत्साहित करें, किसान उत्पाद संगठनों से जुड़ें और उन्हें मजबूत बनाएं। याद रखें – छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं। इसके लिए केवल दृढ़ इच्छाशक्ति और टीम भावना की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कलाहांडी कम पानी और कम संसाधनों के बावजूद सफलता की नई गाथा लिख रहा है। जहां, कभी किसान, पलायन करने को मजबूर थे, वहीं आज, कलाहांडी का गोलामुंडा ब्लॉक एक सब्जियों का हब बन गया है। यह परिवर्तन कैसे आया? इसकी शुरुआत सिर्फ 10 किसानों के एक छोटे से समूह से हुई। इस समूह ने मिलकर एक एफपीओ ‘किसान उत्पाद संघ’ की स्थापना की, खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया और आज उनका ये करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं। आज 200 से अधिक किसान इस एफपीओ से जुड़े हैं, जिनमें 45 महिला किसान भी हैं। ये लोग मिलकर 200 एकड़ में टमाटर की खेती कर रहे हैं, 150 एकड़ में करेले का उत्पादन कर रहे हैं। अब इस एफपीओ का सालाना टर्नओवर भी बढ़कर डेढ़ करोड़ से ज्यादा हो गया है। आज कलाहांडी की सब्जियां, न केवल ओडिशा के विभिन्न जिलों में, बल्कि, दूसरे राज्यों में भी पहुँच रही हैं और वहाँ का किसान, अब, आलू और प्याज की खेती की नई तकनीकें सीख रहा है।
उन्होंने कहा कि कलाहांडी की यह सफलता हमें सिखाती है कि संकल्प शक्ति और सामूहिक प्रयास से क्या नहीं किया जा सकता। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि अपने क्षेत्र में एफपीओ को प्रोत्साहित करें। किसान उत्पादक संगठनों से जुड़ें और उन्हें मजबूत बनाएं। याद रखिए – छोटी शुरुआत से भी बड़े परिवर्तन संभव हैं। हमें, बस, दृढ़ संकल्प और टीम भावना की जरूरत है।
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