भुवनेश्वर। बाघिन जीनत अब पश्चिम बंगाल सीमा तक पहुंच गई है, लेकिन ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के कुछ इलाकों में काम नहीं करने के कारण उसकी सही लोकेशन ट्रैक नहीं की जा सकी है। वन और पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने यह जानकारी दी ।
उन्होने कहा कि कई स्थानों पर जीपीएस तकनीक फेल हो गई है, जिससे जीनत की गतिविधियों की निगरानी मुश्किल हो गई है।
मंत्री सिंहखुंटिया ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के वन विभाग जीपीएस की मदद से बाघिन जीनत की गतिविधियों पर करीबी नजर रख रहे हैं।तीनों राज्यों के वन विभाग जीपीएस का उपयोग करके बाघिन की गतिविधियों की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं और उसे बेहोश करके पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं ।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ क्षेत्रों में जीपीएस सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण जीनत की हरकतों को ट्रैक करना मुश्किल हो गया है।
उन्होंने कहा कि कई जगहों पर जीपीएस सही से काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण ट्रैकिंग विफल हो जाती है और जीनत अन्य क्षेत्रों में चली जाती है। हम अपने प्रयास जारी रखे हुए हैं, और मैं आश्वस्त करता हूं कि भविष्य में हम उसे पकड़ने में सफल होंगे ।
तीनों राज्यों के वन विभाग जीनत और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वित रूप से काम कर रहे हैं, साथ ही ट्रैकिंग में आ रही तकनीकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं।
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