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231 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले के आरोप
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राष्ट्रीय और निजी बैंकों से ऋण लेकर चुनावी उद्देश्यों के लिए धन का उपयोग किया
भुवनेश्वर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार सुबह विपक्ष की मुख्य सचेतक और ओडिशा की पूर्व मंत्री प्रमिला मल्लिक के भाई क्षिरोद मल्लिक के नई दिल्ली और संबलपुर के तीन स्थानों पर जुड़ी संपत्तियों पर एक साथ छापेमारी की। क्षिरोद मल्लिक की पिछले दिनों मौत हो गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई 231 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले के आरोपों के चलते की गई है। क्षिरोद मल्लिक एनजीओ भारत इंटीग्रेटेड सोशल वेलफेयर एजेंसी (बिश्व) के संस्थापक थे। उन पर विभिन्न राष्ट्रीय और निजी बैंकों से ऋण लेने और उस धन का चुनावी उद्देश्यों के लिए उपयोग करने का आरोप है।
संबलपुर में ईडी ने क्षिरोद मल्लिक के आवासीय भवन, एनजीओ के कार्यालय और उनकी अन्य संपत्तियों पर छापेमारी की। वहीं, दिल्ली में बिश्व मुख्यालय पर भी छापा मारा गया।
इससे पहले, बिश्व के खिलाफ बैंकों से लिए गए करोड़ों रुपये के ऋण के दुरुपयोग और ऋण न चुकाने के आरोप में ईडी ने मामला दर्ज किया था।
बीजद सरकार के कार्यकाल के दौरान बिश्व को सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील कार्यक्रम के लिए दालों की आपूर्ति का ठेका मिला था। इसके अलावा एनजीओ को कई अन्य सरकारी परियोजनाएं भी सौंपी गई थीं, जिन्हें कथित तौर पर प्रमिला मल्लिक के राजनीतिक प्रभाव का लाभ मिला था।
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