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केन्द्रीय स्वास्थ्य, रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा को लिखा पत्र
भुवनेश्वर। पूर्वी भारत में फार्मास्युटिकल शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास में, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय स्वास्थ्य, रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से ओडिशा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (नाईपर) की स्थापना करने का आग्रह किया है।
प्रधान ने राज्य की तैयारियों पर जोर देते हुए कहा कि भुवनेश्वर स्थित ओडिशा बायोटेक पार्क ऐसी संस्थान के लिए एक सहायक वातावरण प्रदान करता है। इस पार्क में बायोटेक्नोलॉजी उद्योगों और संबंधित सेवाओं के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे जैसे पानी, बिजली और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मंत्री ने समझाया कि ओडिशा में नाईपर की स्थापना फार्मास्युटिकल क्षेत्र में शिक्षा और अनुसंधान की खाई को पाटने के साथ-साथ नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल फार्मास्युटिकल उद्योग में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी।
इसकी स्थापना न केवल पूर्वी भारत में फार्मास्युटिकल और बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्रों में विकास को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के लक्ष्यों को भी समर्थन देगी। प्रधान ने जोर देकर कहा कि यह पहल एक आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
प्रधान ने नड्डा से लिखे अपने पत्र में लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। उन्होंने इस संस्थान की क्षमता पर जोर दिया, जो फार्मास्युटिकल शिक्षा, अनुसंधान और भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की समग्र प्रगति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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