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वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने विधानसभा में दी जानकारी
भुवनेश्वर। ओडिशा के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंहखुटिया ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में बताया कि 2019 से 2024 के बीच राज्य में विभिन्न कारणों से 34 तेंदुए और तीन रॉयल बंगाल टाइगर की मौत हुई है।
मंत्री ने कांग्रेस विधायक ताराप्रसाद वाहिनिपति के सवाल के जवाब में कहा कि 34 तेंदुओं में से 17 की मौत शिकारी गतिविधियों के कारण हुई, तीन की मौत करंट लगने से, एक की ट्रेन दुर्घटना में, तीन की सड़क हादसे में और तीन तेंदुए बीमारियों के कारण मारे गए।
चार तेंदुओं की प्राकृतिक कारणों से मौत हुई, जबकि तीन अन्य तेंदुओं की मौत के कारण अभी तक अज्ञात हैं।
बाघों की मौत के कारण
एक रॉयल बंगाल टाइगर की मौत शिकारी गतिविधियों के कारण हुई। दूसरे बाघ की मौत आपसी संघर्ष के कारण हुई। तीसरे बाघ की मौत का कारण सरकार अभी तक नहीं जान सकी है।
वन्यजीव गणना की स्थिति
ओडिशा टाइगर आकलन रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में कुल 30 रॉयल बंगाल टाइगर हैं, जिनमें से 27 सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व (एसटीआर) में हैं। 2024 में किए गए ऑल ओडिशा लेपर्ड एस्टिमेशन के अनुसार, राज्य के विभिन्न वन क्षेत्रों में 696 तेंदुओं की उपस्थिति दर्ज की गई है।
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध है और शिकार व अन्य घातक गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण लगाने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है।
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