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भुवनेश्वर डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन में बाधा पहुंचाने की दी थी धमकी
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ओडिशा में खालिस्तानी नेटवर्क की आशंका की तलाश
भुवनेश्वर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा हाल ही में भुवनेश्वर में संपन्न हुए अखिल भारतीय डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन 2024 में बाधा पहुंचाने की कथित धमकी की जांच अपने हाथ में ले सकती है।
सूत्रों के अनुसार, पन्नू ने सम्मेलन के दौरान ओडिशा के कुछ पत्रकारों को धमकी भरे ईमेल और ऑडियो संदेश भेजे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैसे शीर्ष नेता इस सम्मेलन में शामिल हुए थे।
इस धमकी के बाद भुवनेश्वर में उच्च सतर्कता घोषित की गई थी और क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने पत्रकारों को भेजे गए धमकी भरे संदेशों की जांच शुरू की। एक पत्रकार के कार्यालय का दौरा कर जांचकर्ताओं ने ईमेल की स्रोत पहचानने और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच की।
जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमकी संदेशों का स्रोत कहां है और यह ओडिशा में किसी खालिस्तानी स्लीपर सेल की गतिविधि हो सकती है। खास बात यह है कि संदेश ओड़िया और अंग्रेजी में लिखे गए थे, जिससे संभावना जताई जा रही है कि यह किसी स्थानीय व्यक्ति ने लिखा हो या फिर इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग किया गया हो। एनआईए की संभावित जांच से इस मामले में और गहराई से तथ्य सामने आने की उम्मीद है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है।
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