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5 अस्पतालों को सूची से हटाया गया, चार अस्पताल छत्तीसगढ़ के हैं शामिल
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पैनल में शामिल निजी अस्पतालों द्वारा की गई अनियमितताओं की गहन जांच शुरू
भुवनेश्वर। ओडिशा मेंगोपबंधु जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी राज्य स्वास्थ्य बीमा सोसाइटी (एसएचएएस) ने अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। शिकायत निवारण और आंतरिक सतर्कता तंत्र ने पैनल में शामिल निजी अस्पतालों द्वारा की गई अनियमितताओं की गहन जांच शुरू की है और धोखाधड़ी के मामलों को बिना किसी नरमी के निपटाया जा रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, एसएचएएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के आदेश पर आज पांच निजी अस्पतालों को सूची से हटाया गया है। इनमें से चार छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले से और एक ओडिशा के देवगढ़ जिले से है। हटाए गए अस्पतालों में मित्तल अस्पताल, बंथिया अस्पताल, सोनी अस्पताल और बाबूजी केयर अस्पताल (रायपुर, छत्तीसगढ़) और समलेश्वरी नर्सिंग होम (देवगढ़, ओडिशा) शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, एसएचएएस की आंतरिक सतर्कता तंत्र ने लोगों की शिकायतों, अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत दावों और 104 कॉल सेंटर से प्राप्त फीडबैक की नियमित निगरानी से अनियमितताओं का पता लगाया। इन अनियमितताओं में सरकारी अस्पतालों के नाम पर गलत रेफरल स्लिप का उपयोग, दावा फोल्डर में जाली दस्तावेज प्रस्तुत करना, गरीब रोगियों से नकद की मांग और लाभार्थियों को उनके अस्पताल में भर्ती कराने के लिए धोखाधड़ी से प्रेरित करना शामिल था।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ऐसी किसी भी धोखाधड़ी की गतिविधियों को और भी सख्ती से निपटाया जाएगा।
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