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पंजाब में अत्यधिक उर्वरक उपयोग और बढ़ते कैंसर मामलों के चलते लिया फैसला
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ओडिशा विधानसभा में कृषि मंत्री केवी सिंह देव ने किया जैविक खेती को बढ़ावा देने का ऐलान
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार जैविक खेती को प्रोत्साहित करेगी। ओडिशा के डिप्टी सीएम और कृषि मंत्री केवी सिंहदेव ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि पंजाब में प्रति हेक्टेयर राष्ट्रीय औसत से अधिक उर्वरक का उपयोग किया जा रहा है, जिसके कारण वहां से मुंबई के लिए दो कैंसर ट्रेनें चल रही हैं। इसके मद्देनजर, ओडिशा सरकार ने राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।
विधानसभा में विधायक दिव्य शंकर मिश्र के एक सवाल के जवाब में सिंहदेव ने जानकारी दी कि वर्तमान में ओडिशा के 10 आदिवासी जिलों जैसे मालकानगिरि, कंधमाल, कोरापुट, रायगड़ा, ढेंकानाल, बलांगीर, कलाहांडी और मयूरभंज में जैविक खेती की जा रही है।
मिश्र ने कहा कि पंजाब से मुंबई तक एक कैंसर एक्सप्रेस ट्रेन चल रही है और ओडिशा अब कृषि उत्पादन में आत्मनिर्भर हो गया है, साथ ही केबीके क्षेत्र में मछली और मुर्गी उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार बड़े पैमाने पर जैविक खेती को अपनाएगी और क्या उत्पादन दर में कमी के कारण किसानों को सब्सिडी दी जाएगी?
इस पर सिंहदेव ने जवाब दिया कि ओडिशा सरकार चाहती है कि लोग जैविक खेती को अपनाएं। उर्वरक से उत्पादकता बढ़ सकती है, लेकिन इससे मिट्टी की उर्वरता घटती है, जबकि जैविक उर्वरक मिट्टी की उर्वरता को सुधारते हैं। इसलिए, राज्य सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने जा रही है और यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों का उत्पादन सही बाजार तक पहुंचे। किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।
सिंहदेव ने यह भी बताया कि यदि कोई किसान अपनी मिट्टी की जांच कराना चाहता है, तो वह इसे मिट्टी कार्ड के माध्यम से कर सकता है और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विस्तार अधिकारियों को तैनात किया गया है।
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