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ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने की घोषणा
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने मंगलवार को पुरी में निकलने वाली विश्वविख्यात रथयात्रा उत्सव के लिए दो दिन की छुट्टी की घोषणा की है और साथ ही कहा है कि आगामी रथयात्रा के अनुष्ठान 1971 में उत्सव के दौरान किए गए अनुष्ठानों के अनुसार किए जाएंगे।
पुरी में रथयात्रा समन्वय बैठक में तैयारियों की समीक्षा करते हुए मोहन माझी ने सभी अधिकारियों से सहयोग करने और उत्सव के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
एक ही दिन तीन नीतियां
इस साल नवयौवन दर्शन, नेत्र उत्सव और रथयात्रा एक ही दिन 7 जुलाई को पड़ रहे हैं। इस कारण 7 जुलाई को थोड़ी दूरी के लिए रथों को खींचा जाएगा और अगले दिन इसे फिर से शुरू किया जाएगा।
53 साल बाद दुर्लभ रथयात्रा का संयोग
इसी तरह का आयोजन 1971 में भी हुआ था। मुख्यमंत्री मोहन माझी ने कहा कि चूंकि यह एक अनोखी रथयात्रा है, जो 53 साल पहले हुई थी। नई सरकार के लिए इस अनोखी और दुर्लभ रथयात्रा का हिस्सा बनना एक शुभ अवसर है, जो लगातार दो दिनों तक आयोजित की जाएगी। इसलिए, हमने रथयात्रा की छुट्टी एक और दिन बढ़ाने का फैसला किया है। इसलिए रथयात्रा की छुट्टी दो दिनों की होगी।
मुख्यमंत्री मोहन माझी के अनुसार, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी ओडिशा का दौरा करेंगी और रथयात्रा समारोह में भाग लेंगी।
कई कारणों से छुट्टी
ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि कई परीक्षाओं और अन्य चीजों के कारण छुट्टी घोषित करने की आवश्यकता थी। यह एक स्वागत योग्य निर्णय है।
सुरक्षा व्यवस्था होगी कड़ी
ओडिशा के डीजीपी अरुण षाड़ंगी ने कहा कि सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, राष्ट्रपति के दौरे के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। षाड़ंगी ने कहा कि हम पहले ही दो बार तैनाती की समीक्षा कर चुके हैं। गृह मंत्रालय ने रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की 5 कंपनियों की तैनाती के हमारे प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। षाड़ंगी के अनुसार, एक एकीकृत नियंत्रण कक्ष और यातायात नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा। 18 यातायात सहायता चौकियों के साथ विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इसके अलावा, रथयात्रा के लिए पुलिस सहायता और यातायात सहायता चौकियां भी होंगी।
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