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लंबी बीमारी के कारण केन्दुझर स्थित आवास पर ली अंतिम सांस
भुवनेश्वर। विशिष्ट पुतली नृत्यगुरु तथा पद्मश्री मागुणि चरण कअंर का निधन हो गया है। वह 89 वर्ष के थे। केन्दुझर स्थित उनके आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके परिवार के लोगों ने यह जानकारी दी। वह कुछ दिनों से बीमार थे। इस कारण उन्हें पिछले दिनों केन्दुझर जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पुतली नृत्य को उन्होंने अपने परिश्रम से बचा कर रखा था तथा इसके प्रचार प्रसार में उन्होंने अपना पूरा जीवन लगा दिया था। इस कारण भारत सरकार ने उन्हें 2023 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था।
मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने विशिष्ट पुतली नृत्यगुरु तथा पद्मश्री मागुणि चरण कअंर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि केन्दुझर जिले के गुरु मागुणि कुअंर ने ओडिशा के लुप्त होने वाली पुतली नृत्य की परंपरा को जीवित कर रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन की। उन्हें अनेक पुरस्कार व सम्मान से सम्मानित किया गया था। उनका निधन ओडिशा के पारंपारिक कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति हैं।
मुख्यमंत्री ने उनका अंतिम संस्कार राष्ट्रीय सम्मान के साथ करने के निर्देश दिया है। मुख्य़मंत्री ने उनके आत्मा की सद्गति की कामना करने के साथ-साथ शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
योगदान हमेशा याद किये जाएंगे – राज्यपाल
पद्मश्री मागुनी चरण कुअंर के निधन पर राज्यपाल रघुवर दास ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ओडिशा के प्रसिद्ध कठपुतली कलाकार पद्मश्री मागुनी चरण कुंअर जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। कठपुतली नाच को विश्व बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाने में उनके योगदान हमेशा याद किये जाएंगे।
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