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सरकारी अस्पतालों में जर्जर स्थिति को लेकर जतायी चिंता
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कहा- मंत्रियों के निजी अस्पतालों में इलाज कराने पर स्वास्थ्य व्यवस्ता को लेकर उठाये सवाल
भुवनेश्वर। राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति जर्जर हो चुकी है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के शासन काल में सस्वास्थ्य सेवा बदहाल है। स्वास्थ्य विभाग के मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे तत्कालीन मंत्री नव किशोर दास, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रसन्न आचार्य को एयर लिफ्ट कर भुवनेश्वर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी तरह पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डा दामोदर राउत के बेटे ने आरोप लगाया था कि कैपिटल अस्पताल में उनके पिता का ठीक से चिकित्सा नहीं किया गया था। यदि बड़े-बड़े लोगों की स्थिति सरकारी अस्पतालों में ऐसी है, तो फिर आम लोगों की स्थिति कैसी होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है। बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है। भाजपा के प्रवक्ता सज्जन शर्मा ने पार्टी कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में ये बातें कहीं।
शर्मा कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सरकार में आने के बाद ओडिशा के विकास के लिए धन का अभाव नहीं है। देशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी आयुष्मान भारत जैसी योजना का क्रियान्वयन कर रहे हैं, लेकिन ओडिशा में सरकारी व्यवस्था को ध्वस्त कर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। राज्य में आयुष्मान भारत योजना का क्रियान्वयन नहीं किया गया, लेकिन आरोग्य मंदिर के लिए केन्द्र से आ रहे पैसे को लिया गया। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, केन्द्रीय अनुदान से राज्य में अनेक मेडिकल कालेज स्थापित किये गये हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पैसे से राज्य में पीएचसी, सीएचसी के भवन से लेकर अन्य भवनों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन राज्य सरकार डाक्टर, टेक्नीशियन, पारा मेडिकल स्टाफ आदि उपलब्ध नहीं करा रही है।
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