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अनुगूल में पांच और भुवनेश्वर, सुंदरगढ़ और मयूरभंज में एक-एक रोगी अस्पताल में हुए भर्ती
भुवनेश्वर। ओडिशा में भीषण गर्मी के कारण आठ लोगों सनस्ट्रोक होने की खबर है। इन मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
विभिन्न अस्पतालों में इलाज करा रहे कुल आठ सनस्ट्रोक रोगियों में से अधिकतम पांच रोगी अनुगूल जिले से हैं। इसके बाद भुवनेश्वर, सुंदरगढ़ और मयूरभंज में एक-एक रोगी की सूचना मिली।
इधर, बढ़ते तापमान को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर के अस्पतालों को तैयार रहने का निर्देश दिया है। सभी जिला मुख्यालय अस्पतालों (डीएचएच), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। हालांकि सभी के पास सनस्ट्रोक रोगियों के लिए विशेष बिस्तर हैं और उन्होंने आवश्यक दवाओं का भी स्टॉक कर लिया है। बावजूद इसके तैयार रहने को कहा गया है।
तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ निरंजन मिश्र ने कहा कि स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न जिलों में बाल रोग और चिकित्सा विशेषज्ञों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। उनका तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कल समाप्त हो गया।
उन्होंने कहा कि आईएमडी और जिलाधिकारी के आपातकालीन अनुभागों से डेटा कैसे एकत्र किया जाए, इसकी जानकारी देते हुए एक दिशानिर्देश भी जारी किया गया है।
डॉ मिश्र ने कहा कि डॉक्टरों को यह भी प्रशिक्षण दिया गया है कि लू से मौत की पुष्टि कैसे की जाए। यदि सनस्ट्रोक के रोगी की मृत्यु हो जाती है, तो राजस्व अधिकारी और चिकित्सा अधिकारी द्वारा संयुक्त जांच की जाती है। पोस्टमार्टम भी जरूरी है। केवल जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ निश्चित निष्कर्ष हों, तो मौत को सनस्ट्रोक से जोड़ा जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले बलांगीर और गंजाम में एक-एक रोगियों की मौत लू से होने का दावा किया गया था। हालांकि अभी तक प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
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