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पॉस्को अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास के साथ 23 हजार का जुर्माना भी लगाया
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़ित परिवार को 6 लाख का मुआवजा देने आदेश
फुलबाणी। फुलबाणी में यौन अपराधों से बच्चों का विशेष संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) अदालत ने एक नाबालिग लड़की के अपहरण और बलात्कार के लिए एक व्यक्ति को दोषी ठहराया और 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाने के साथ ही उस पर 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने पर दोषी को दो साल और तीन महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़ित परिवार को 6 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष का मामला 2021 में दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित था। एफआईआर के मुताबिक, बाबुल नामक आरोपी ने फरवरी 2021 में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगाया और उसका अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद उसे जून 2021 में उसने शादी के बहाने लड़की से कई बार बलात्कार किया।
पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर फिरिंगिया पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया था, नाबालिग लड़की को बचाया और बाबुल को गिरफ्तार किया।
आरोपी पर पॉस्को अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाया गया है। लोक अभियोजक असीम प्रहराज ने कहा कि नाबालिग लड़की का अपहरण और बलात्कार करने के अलावा बाबुल ने कथित तौर पर पीड़िता के पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। 12 गवाहों के बयान और नाबालिग लड़की की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाने के अलावा पीड़ित परिवार को 6 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी फैसला सुनाया है। साथ ही जुर्माना राशि जमा न करने पर आरोपी को दो साल तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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