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भुवनेश्वर, बड़बिल, राउरकेला और कोलकाता में 12 स्थानों पर की गई छापेमारी
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30 लाख रुपये, 1.24 करोड़ मूल्य का 2 किलोग्राम सोना, एक कार, संपत्ति के दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त
भुवनेश्वर। केंदुझर जिले के जोड़ा में अवैध लौह अयस्क खनन और घोटाला संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भुवनेश्वर ने रविवार को मेसर्स दीपक स्टील एंड पावर लिमिटेड, मेसर्स स्नेहपुस्फ मार्केटिंग (पी) लिमिटेड और अन्य संबद्ध कंपनियों और संस्थाओं से जुड़े कई स्थानों पर छापेमारी अभियान चलाया।
यह छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत भुवनेश्वर, बड़बिल, राउरकेला और कोलकाता में 12 स्थानों पर की गई। सूत्रों ने कहा कि जोड़ा में अवैध लौह अयस्क खनन घोटाले से संबंधित अपराध की आय का पता लगाने और खुलासा करने के लिए इन कंपनियों के निदेशकों और चार्टर्ड एकाउंटेंट पर छापे मारे गए।
यहां उल्लेखनीय है कि ईडी ने सतर्कता विभाग, ओडिशा पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और सतर्कता विभाग द्वारा आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मेसर्स दीपक स्टील एंड पावर लिमिटेड, मेसर्स स्नेहपुस्फ मार्केटिंग प्रा लिमिटेड, दीपक गुप्ता, हरि चरण गुप्ता और अन्य के खिलाफ दायर आरोपपत्रों के आधार पर जांच शुरू की है।
ईडी की जांच से पता चला कि अवैध खनन के कारोबार से उत्पन्न अपराध की आय कोलकाता और बड़बिल में स्थित कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से की गई थी, जिनमें डमी निदेशक थे।
तलाशी अभियान के दौरान 30 लाख रुपये, 1.24 करोड़ रुपये मूल्य का 2 किलोग्राम सोना, एक कार के साथ संपत्ति के दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
ईडी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि आरोपी कंपनियों के निदेशकों से संबंधित छह बैंक खातों में 1.23 करोड़ रुपये की शेष राशि को जब्त करते हुए दो बैंकों को भी फ्रीजिंग आदेश जारी किया गया है।
इस मामले में पहले 379 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करने का पीएओ जारी किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि पीएमएलए कोर्ट में एक अभियोजन शिकायत भी दायर की गई थी और विशेष अदालत (पीएमएलए) ने संज्ञान लिया है।
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