भुवनेश्वर– राज्य में सरकारी शिक्षण सस्थानों की स्थिति अत्यंत दयनीय है ।उनमें अध्यापकों से लेकर बाकी अव संरचना में काफी कमी है । लेकिन राज्य सरकार निजी विश्वविद्यालयों पर मेहरबान है । इससे राज्य के गरीब छात्रों को नुकसान हो रहा है । भाजपा के प्रवक्ता अनिल बिश्वाल ने पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही ।
श्री बिश्वाल ने कहा कि राज्य में एक निजी विश्वविद्यालय को लेकर राज्य सरकार ने विज्ञापन जारी किया है। इस विश्वविद्यालय के लिए मुख्यमंत्री ने निशुल्क जमीन प्रदान करने के साथ साथ 3 सौ करोड रुपये की राशि भी दी है। साथ सर्त रखा है कि मेरिट के आधार पर तीस प्रतिशत छात्र ओडिशा के होंगे । लेकिन यहां का कोर्स फीस काफी अधिक है । इसलिए ओडिशा के गरीब मेधावी छात्र इस तरह के निजी विश्वविद्यालयों नें अध्ययन नहीं कर सकता ।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का सरकारी शिक्षण संस्थानों के प्रति ध्यान नहीं है । निजी शिक्षण संस्थानों को ही आगे बढाने में लगी है । उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की पीएम श्री, पीएम उषा व मेरिट योजना जैसे फ्लैगशिप योजनाओं को नवीन सरकार राज्य में लागू नहीं कर रही है। क्योंकि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को लगता है इन फ्लैगशिप योजनाओं को लागू करने से ओडिशा में प्रधानमंत्री मोदी व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की लोकप्रियता बढ जाएगी । लेकिन इन सरकारी केन्द्रीय योजनाओं को लागू करने से ओडिशा के गरीब मेधावी छात्रों को लाभ मिलेगा । इससे करने के बजाय नवीन पटनायक सरकार निजी विश्वविद्यालयों को प्रोत्साहन दे रही है जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है ।
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