भुवनेश्वर/पुरी। दिवाली के मौके पर ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित लिंगराज के बिंदुसागर तथा पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में लोगों ने अपने पितरों को श्रद्धा अर्पित की। हिंदू परंपरा के अनुसार, मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं और दिवाली के दिन रोशनी की चमक के बीच अपने स्वर्ग निवास में लौट जाते हैं।
इस मौके पर लोग पुरी में महाप्रभु श्री जगन्नाथ के मंदिर के बाहर बड़दांड में तथा भुवनेश्वर लिंगराज मंदिर के बिंदुसागर के पास लोग जूट की डंडी को जलाते हैं। ऐसा करके लोग अपने पूर्वजों का आह्वान किया और उन्हें विदाई दी। इस दौरान लोग कहते हैं कि हे हमारे पूजनीय पूर्वजों! अंधेरे में पृथ्वी पर आइए और रोशनी के इस त्योहार पर जाइए, हम आपको विदाई देते हैं।
इस परंपरा के तहत ओडिशा में लगभग हर घर में शाम को जूट के डंडे जलाये जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि पूर्वजों का आशीर्वाद पाने के लिए उन्हें यह रौशनी अर्पित की जाती है।
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