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खुद नहीं पहन रहे मास्क, जनता पर पुलिस ठोंक रही है जुर्माना
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तस्वीरें लेने पर पत्रकार को दी धमियां, कहा-जाकर पांडियान को दिखा दो
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घटना की जिलाधिकारी से शियाकत, कार्रवाई की मांग

विष्णुदत्त दास, पुरी
ओडिशा में कोरोना वायरस के विस्तार को रोकने के लिए बने नियमों की धज्जियां जब खुद प्रशासनिक महकमा उड़ाये तो जनता से उम्मीदें कैसे की जा सकती हैं. जनता वही अनुसरण करती है, जो देखती है. राज्य में सरकार ने घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है. मास्क की जगह गमछा या रूमाल के प्रयोग को छूट दी गयी है, लेकिन पुरी प्रशासनिक महकमा ही इसकी उज्जियां उड़ा रहा है. जब एक पत्रकार ने इसकी तस्वीर ली तो अधिकारी आग-बबूला हो गये.
दरअसर, कल शहर में जिला प्रशासन का एक वाहन प्रचार करने निकला था. घटना कल सुबह 10:20 बजे की है. लोकनाथ रोड में जाते समय प्रतिहारी नियोग के सामने के यह प्रचार गाड़ी गुजर रही थी. इस दौरान गाड़ी में बैठे अधिकारी मास्क नहीं लगाये थे और ना ही रुमाल या गमछा से मुंह-नाक को ढका था. ऐसी स्थिति में जब पत्रकार ने यह दृश्य कैमरे में कैद करने लगा तो वाहन के पीछे बैठे दो पुलिसकर्मी हाथ में लाठी लेकर तत्काल उतर आये और बोले कि आप क्यों फोटो खींचे. हमारे साहब बुला रहे हैं.
अधिकारी के बुलावे पर जम पत्रकार उनके समक्ष गया तो वे क्रोधित हो गये और सवालों का ढेर लगा दिया. जब बतौर पत्रकार कार्य करने की बात सुनी तो वह और भड़क गये और बौखलाते हुए कहा कि फोटो खींचो-खींचो और ओडिशा के 5-टी सचिव वीके पांडियान को दे दो, मेरा कुछ भी नहीं बिगड़ने वाला है. अपने जूनियर सहयोगियों के समक्ष एक वरिष्ठ अधिकारी पर ऐसी छींटाकसी को लेकर जिलाधिकारी के पास शिकायत की गयी है और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गयी है. हालांकि जिलाधिकारी की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पायी है. इतना जरूर पता चला है कि ये जवान और अधिकारी जिला रिजर्व पुलिस बटालियन से आये थे.
उल्लेखनीय है कि मास्क नहीं पहने के कारण आम जनता से जुर्माना वसूला जा रहा है, लेकिन कानून के पालक ही यदि धज्जियां उड़ाए तो इनसे कौन जुर्माना वसूलेगा.
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