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धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दायर किया गया आरोप पत्र
भुवनेश्वर/नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जालसाजी के एक मामले में ज्योति रंजन बेउरा उर्फ गोल्डन बाबा के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। बताया जाता है कि यह आरोप पत्र धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत दायर किया गया है।
ज्योति ट्रेडिंग एंड कंपनी, भुवनेश्वर के मालिक गोल्डन बाबा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एफआईआर और ओडिशा पुलिस की चार्जशीट के आधार पर बना है। यह उनके द्वारा 5.50 करोड़ रुपये के ऋण प्रदान करने के बदले में की गई धोखाधड़ी के लिए दायर की गई थी।
ईडी की ओर से बताया गया है कि जांच से पता चला कि उसने कई व्यवसायियों को आकर्षक ब्याज दर पर असुरक्षित ऋण/वित्तीय सहायता प्रदान करने का लालच देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की थी। उसने व्यापारिक संबंध विकास की आड़ में धोखाधड़ी से उनसे क्रेडिट लेटर प्राप्त किया और उन्हें वादा किए गए वित्तीय सहायता/असुरक्षित ऋण प्रदान किए बिना झूठे और मनगढ़ंत बिल बनाकर और प्रस्तुत किया तथा ज्योति ट्रेडिंग एंड कंपनी के खाते में भुनाया। इस प्रकार ईडी के अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए उक्त राशि को निकाल लिया और अपराध की ऐसी आय से एक शानदार जीवन जी रहा था।
अगस्त में केंद्रीय एजेंसी ने ओडिशा स्थित कथित धोखेबाज की 1.53 करोड़ रुपये की संपत्ति अपराध की आय के रूप में कुर्क की थी। इसने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के हिस्से के रूप में 52 लाख रुपये की बैंक शेष राशि भी जब्त कर ली थी। 56 लाख रुपये के खरीद मूल्य वाले दो वाहनों (एक ऑडी क्यू 5 और एक बीएमडब्ल्यू 520 डी) को जब्त कर लिया था। उसके खिलाफ राज्य के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में कुल 19 मामले लंबित हैं।
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