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ओडिशा से दो आदिवासी नेत्रियां करेंगी राज्य का प्रतिनिधित्व
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बाजरे के फायदे और आदिवासियों की जीवनशैली की देंगी विस्तृत जानकारियां
भुवनेश्वर। नई दिल्ली में आयोजित होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में आने वाले विश्व भर के नेताओं को ओडिशा के स्वादिष्ट बाजरा के व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलेगा। इसका श्रेय क्रमशः कोरापुट और मयूरभंज जिलों के आदिवासी बहुल जिलों की आदिवासी नेत्री राइमती घुरिया और सुभाषा महंत को जाता है। बताया जाता है कि ये दोनों ओडिशा का प्रतिनिधित्व करेंगी और भारत मंडपम में जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले विश्वभर के नेताओं और प्रतिनिधियों को अत्यधिक पौष्टिक मोटे अनाज के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारियां देंगी। दोनों आदिवासी नेत्रियां बाजरा ब्रांड एंबेसडर के रूप में भाग ले रही हैं और आदिवासियों (आदिवासियों) की जीवनशैली के बारे में भी विस्तार से जानकारियां देंगी और बाजरा को संरक्षित करने के लिए उनकी कठिनाइयों पर ध्यान केंद्रित करेंगी।
कोरापुट जिले के कुंडुरा की रहने वाली राइमती ने बाजरा की दर्जनों किस्में एकत्र की हैं। बाजरा को संरक्षित करने के अलावा उनका उद्देश्य अपने गांव और उसके आसपास के कमजोर 500 आदिवासी और गरीब (बीपीएल) परिवारों में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
उनका लक्ष्य वर्षा जल का संचयन करना और इसे घरेलू और पशुधन उपयोग के लिए गांव के तालाबों में संग्रहित करना है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए बाजरा बचाना मेरा जुनून है। मैं अपने सारे संग्रह विश्व नेताओं को दिखाने के लिए ले जा रही हूं। मुझे उम्मीद है कि मैं ओडिशा का ठीक से प्रतिनिधित्व कर पाऊंगी और मेहमानों का दिल जीत पाऊंगी।
इधर, एमएस स्वामीनाथन रिसर्च सेंटर, जयपुर, कोरापुट के कृषि वैज्ञानिक प्रशांत परिडा ने कहा कि यह सभी ओड़िया लोगों के लिए बेहद गर्व का क्षण है, क्योंकि हमारी आदिवासी बहन जी-20 शिखर सम्मेलन में हमारे राज्य का प्रतिनिधित्व करने जा रही है। उनके साथ एक अन्य आदिवासी बहन सुभाषा महंत भी होंगी।
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