भुवनेश्वर। महिला होम गार्ड के आत्महत्या के प्रयास के बाद राजनीति तेज हो गई है। भाजपा की राज्य इकाई ने बुधवार को बीजद सरकार पर तीखा हमला किया। पार्टी ने डीआइजी रैंक के पुलिस अधिकारी और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की मांग की है, जबकि पुलिस अधिकारी ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। स्थानीय लोग और पुलिस प्रशासन के कुछ कर्मचारी भी इसे एक साजिश के नजरिए से देख रहे हैं।
कटक के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रही पीड़िता ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की पत्नी पर उस पर इतना अत्याचार करने का आरोप लगाया है कि उसने अपनी जान देने की भी कोशिश की और इस दौरान उसे अपने दोनों पैर गंवाने पड़े।
राज्य हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील और भाजपा नेता पीतांबर आचार्य ने कहा कि इस घटना ने मानवता की सारी हदें पार कर दी हैं। इस संबंध में भाजपा नेताओं ने आज बुधवार को राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल से मुलाकात कर संबंधित डीआईजी और उनकी पत्नी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजपा उपाध्यक्ष लेखश्री सामंतसिंघार ने कहा कि हमने पीड़िता की दोनों बेटियों के लिए नौकरी की भी मांग की है। सरकार डीआईजी का तबादला कर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। डीआईजी और उनकी पत्नी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और पीड़िता को न्याय दिलाया जाना चाहिए।
इस बीच, राज्य होम गार्ड डीजी कार्यालय ने कहा कि इस संबंध में अनुगूल एसपी से प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी गई है। महिला होम गार्ड से उसके ठीक होने के बाद मामले को लेकर पूछताछ की जाएगी। उनके इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। जरूरत पड़ी तो उनकी बेटियों को होम गार्ड की नौकरी दिलाई जाएगी।
इसके अलावा, राज्य महिला आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए शिकायत दर्ज की। आयोग ने क्राइम ब्रांच एडीजी को मामले की जांच शुरू करने और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
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