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पांच दिसंबर से 2022 से जीते गए सभी पदक और पुरस्कार होंगे जब्त
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फैसले के 21 दिनों के अंदर फैसले को दे सकती हैं चुनौती
भुवनेश्वर। ओडिशा की शीर्ष धाविका और भारत की सबसे तेज महिला एथलीट दूती चांद डोप टेस्ट में फेल हो गई हैं। इससे उनको सेलेक्टिव एण्ड्रोजन रिसेप्टर मॉड्यूलेटर (एसएआरएम) प्रतियोगिता से बाहर करते हुए चार साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
अब दूती चार साल तक किसी भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। प्रतिबंध की अवधि 3 जनवरी 2023 से प्रभावी होगी तथा यह जनवरी 2027 तक जारी रहेगी। इसके साथ ही उनका नमूना संग्रह की तारीख से जीते गए सभी पदक, अंक और पुरस्कार को जब्त कर लिया जाएगा। उनको सभी परिणामों में अयोग्य माना जाएगा। दूती चांद का नमूना 5 दिसंबर, 2022 को संग्रहित किया गया था।
दूती पर राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के अनुच्छेद 2.1 और 2.2 का उल्लंघन करने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। दूती चांद के पास डोपिंग रोधी अपील पैनल (एडीएपी) के पास अपील दायर करने के लिए 21 दिन हैं।
साल 2018 में जकार्ता एशियाई खेलों में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में दोहरी रजत पदक विजेता दूती का 5 और 26 दिसंबर, 2022 को भुवनेश्वर में नाडा के डोप नियंत्रण अधिकारियों ने दो बार परीक्षण किया था। उसके पहले नमूने में एनाबॉलिक एजेंटों एंडारिन, ओस्टारिन और लिगेंड्रोल की उपस्थिति का पता चला था, जबकि दूसरे नमूने में एंडारिन और ओस्टारिन के अंश थे।
तब दूती के पास प्रतिकूल विश्लेषणात्मक खोज (एएएफ) नोटिस प्राप्त होने की तारीख से सात दिनों की अवधि के भीतर अपने ‘बी’ नमूना परीक्षण के लिए जाने का विकल्प था। हालांकि, उन्होंने इसका विकल्प नहीं चुना और इसके परिणामस्वरूप नाडा द्वारा निलंबन लगाया गया।
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