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अब तक तीन में से दो मामलों में उन्हें मिली है जमानत
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एक मामले के कारण अभी रहना होगा जेल में
भुवनेश्वर। राज्य के उच्च न्यायालय ने बुधवार को सनसनीखेज हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग रैकेट की कथित मास्टरमाइंड अर्चना नाग को सशर्त जमानत दे दी। कथित जबरन वसूली मामले में उनके खिलाफ भुवनेश्वर के खंडगिरि पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में जमानत दी गई है। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, अर्चना चल रही जांच में सहयोग करेंगी। वह अपने मुकदमे के संबंध में गवाहों को प्रभावित नहीं करेगी या बाहर कोई राय नहीं देगी।
इससे पहले इस साल अप्रैल में अर्चना को नयापल्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में जमानत दी गई थी। उनके खिलाफ अब तक तीन में से दो मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है।
हालांकि, वह जेल में ही रहेगी, क्योंकि उसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज एक ऐसे ही मामले में गिरफ्तार किया गया था।
अर्चना पर प्रभावशाली लोगों को आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने का आरोप है और वह फिलहाल जेल में बंद है। अर्चना को पिछले साल 6 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था जब उनकी पूर्व सहयोगी श्रद्धांजलि ने 2 अक्टूबर को खंडगिरि पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अर्चना, जगबंधु और उनके सहयोगी खगेश्वर पात्र पर उन्हें अपने रैकेट में फंसाने और बड़े लोगों को ब्लैकमेल करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था।
फिल्म निर्माता अक्षय पारिजा द्वारा नयापल्ली पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर उनके अश्लील वीडियो लीक करने की धमकी देकर 3 करोड़ रुपये मांगने का आरोप लगाया गया था। ईडी हनीट्रैप रैकेट में वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
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