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भारी बारिश से बढ़ रहा है महानदी का जलस्तर
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छत्तीसगढ़ ने 66 गेटों से पानी छोड़ा
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हीराकुद इस सीजन में पहली बार 23 जुलाई को खोलेगा गेट
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संबलपुर, बुर्ला, हीराकुद समेत संबंधित इलाकों के लिए अलर्ट जारी
भुवनेश्वर। 24 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम और इससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इस बीच उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और निकटवर्ती ओडिशा तट पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश और निकटवर्ती उत्तर-पश्चिमी और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है। इसके प्रभाव में भारी बारिश हो रही है और महानदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा कि अगले दो दिनों के दौरान मौजूदा निम्न दबाव के क्षेत्र के दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तटों पर धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने इसके प्रभाव में भारी बारिश की संभावना जताते हुए 24 जुलाई तक नारंगी और पीली चेतावनियां जारी की है।
इधर, हाल ही में हुई बारिश से अब महानदी के जल स्तर में वृद्धि हो रही है। इससे हीराकुद बांध का स्लुइस गेट खोलना पड़ सकता है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, हीराकुद इस सीजन में पहली बार 23 जुलाई को गेट खोलेगा। खोले जाने वाले गेटों की संख्या पर अंतिम निर्णय उसी दिन लिया जाएगा। हीराकुद के गेट रविवार सुबह 9 बजे खोले जाएंगे। हीराकुद से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के मद्देनजर अधिकारियों ने संबलपुर, हीराकुद और बुर्ला के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। बांध से पानी छोड़े जाने के मद्देनजर लोगों को महानदी में न जाने की सलाह दी गई है।
हीराकुद बांध में जलस्तर की क्षमता 630 फीट है, लेकिन यह अभी 613 फीट पर पहुंच गया है। बांध से 40,000 क्यूसेक पानी की निकासी की तुलना में लगभग 1,36,000 क्यूसेक पानी प्रवेश कर रहा है।
ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के बाद महानदी का जल स्तर बढ़ रहा है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ द्वारा कलमा बैराज के 66 गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है।
16 जून को कलमा बैराज से पहली बार पानी छोड़ा गया था। शुरुआत में पांच गेट खोले गए और बाद में 66 गेटों से पानी छोड़ा गया।
Posted by: Desk, Indo Asian Times
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