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कांग्रेस नेताओं ने कहा कि निलंबन वापस नहीं हुआ तो होगा भारी नुकसान
भुवनेश्वर। पार्टी विरोधी कार्यों में शामिल होने के आरोप में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा कटक (बारबाटी) से विधायक मोहम्मद मुकिम व पूर्व विधायक चिरंजीब बिश्वाल को पार्टी से निलंबित किये जाने के मामले में पार्टी के अंदर से ही विरोध शुरु हो गया है। इन दोनों नेताओं के समर्थक खुले तौर पर पार्टी के इस निर्णय का विरोध करते दिख रहे हैं। साथ ही इन लोगों ने पार्टी हाईकमांड से इन दोनों नेताओं के निलंबन वापस लेने की मांग की है। यहां एक संवादताता सम्मेलन में इन दोनों नेताओं के समर्थकों ने यह मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता गोविंद भुइयां ने कहा कि अन्य राज्यों में कांग्रेस की स्थिति अच्छी हो रही है, लेकिन ओडिशा में स्थिति धीरे-धीरे खराब हो रही है। ओडिशा में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए मोहम्मद मुकिम की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है। चिरंजीब भी दो बार विधायक रहे हैं। बिना किसी कारण के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शरत पटनायक ने इन दोनों नेताओं को निलंबित करने के लिए पार्टी के पास सिफारिश कर दी। आज आवश्यकता कांग्रेस को मजबूत करने की है न कि उसे कमजोर करने की। उन्होंने कहा कि जिस सभा को लेकर इन दोनों नेताओं को निलंबित किया गया है, उस सभा में कांग्रेस के खिलाफ कुछ भी बातें नहीं हुईं। पार्टी कैसे मजबूत हो, इस पर चर्चा की गई थी। पार्टी की कमजोरियां पर चर्चा की गई। यह पार्टी विरोधी नहीं है। इसलिए इन नेताओं पर निलंबन वापस न करना कांग्रेस के लिए आत्मघाती होगा।
कांग्रेस नेता श्रीमती गिरिबाला बेहरा ने कहा कि मोहम्मद मुकिम के बिना कटक शहर में कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है। मुकिम के कारण 40 साल बाद कटक की विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में आई है। कटक नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस का पहले एक भी प्रत्याशी नहीं जीतता था, लेकिन मुकिम के प्रयासों से 10 कार्पोरेटर सीट कांग्रेस ने जीती है। ऐसे में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने वाले मुकिम को निलंबित किया जाना पार्टी के लिए घातक सिद्ध होगा।
Posted by: Desk, Indo Asian Times
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